इजरायल नहीं मान रहा शांति समझौता

Shekhar Sharma
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यूएस व ईरान के बीच हुए शांति समझौते में लेबनान भी शामिल, फिर भी इजरायल ने मार डाले 112 लेबनानी नागरिक

नई दिल्ली। इजरायल अब यूएस की भी सुनने को तैयार नहीं है। उसने अपने इरादे लेबनान में व्यापक हमले कर साफ कर दिए हैं। इजरायली एयर स्ट्राइक में 112 नागरिकों की मौत हो गयी है करीब एक हजार जख्मी हो गए हैं। मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा हो सकती है। इजरायल ने साफ कर दिया है कि शांति समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है। इस बात की तसदीक इजरायल ने लेबनान आज बड़े हमले कर कर दी है। लेकिन बड़ा सवाल यही कि अब शांति समझौता कराने वाले पाकिस्तान की प्रधानमंत्री शहवाज शरीफ क्या करेंगे। क्या वह यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर इजरायल को लेबनान पर हमले ना करने देने का दवाब डाल सकेंगे।  इजरायली हवाई हमलों में अब तक 1,530 से अधिक लोग मारे गए हैं

आसमान ने बरसी मौत

इजरायली विमानों के हमले में लेबनान पर आसमान से मौत बरसी है। इजरायली ने बिना किसी चेतावनी के मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले वाणिज्यिक और आवासीय जिलों को तहस-नहस कर दिया, राजधानी के केंद्र पर हमला किया। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि दर्जनों लोग मारे गए हैं। याद रहे कि इजराइल पहले ही दावा कर चुका था कि यह युद्धविराम लेबनान में हिजबुल्लाह के साथ उसके संघर्ष पर लागू नहीं होता है, हालांकि मध्यस्थ पाकिस्तान ने कहा था कि यह समझौता उस मोर्चे पर भी लागू होता है। इजरायली सेना ने इस बमबारी को मौजूदा युद्ध का सबसे बड़ा समन्वित हमला बताया, जिसमें बेरूत, दक्षिणी लेबनान और पूर्वी बेका घाटी में 10 मिनट के भीतर हिजबुल्लाह से जुड़े 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। मिसाइल लॉन्चरों, कमांड केंद्रों और खुफिया बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, और हिजबुल्लाह पर नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हिजबुल्लाह के गढ़ों पर बमबारी करता रहा है, लेकिन 2 मार्च को समूह के साथ लड़ाई का नवीनतम दौर शुरू होने के बाद से उसने मध्य बेरूत में शायद ही कभी हमले किए हों।

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