अफसरों ने बंद कराया लंगर तो गुरूद्वारा से आया खाना

Shekhar Sharma
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अफसरों ने बंद कराया लंगर तो गुरूद्वारा से आया खाना


धरना उठवाने सेंट्रल मार्केट सेक्टर दो पहुंचे एडीए सिटी व एसपी सिटी, अवनीश अवस्थी भी दोहरा गए सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का कराया जाएगा सख्ती से पालन

मेरठ/भाजपा पर विश्वासघात का आरोप लगाकर तेहरवीं करने वाली महिलाओं के द्वारा सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर में संचालित लंगर को पुलिस प्रशासन ने बंद करा दिया है। अधिकारियों ने बंद करा दिया है। दरअसल सारे प्रयास धरना उठवाने के हैं। प्रशासन ने लंगर बंद कराया तो गुरूद्वारा मदद को सामने आ गया। गुरूद्वारो से ही अब भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि एडीएम सिटी व एसपी सिटी धरना स्थल पहुंचे और लंगर बंद करा दिया। यह लंगर धरना दे रही महिलाओं के लिए पेट भरने का सहारा था, लेकिन अफसरों की नजर में खटक रहा था। वहीं दूसरी ओर अफसरों ने महिलाओं के साथ करीब एक घंटे तक बातचीत की। दरअसल बताया गया है कि एक दिन पहले सोशल मीडिया पर धरने पर बैठी महिलाओं ने जिस प्रकार से विपक्ष के नेताओं से मदद का आग्रह किया है, उससे प्रशासन सतर्क है और अवनीश अवस्थी का मेरठ पहुंचे के उससे कनेक्शन तक जोड़ दिए जा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महिलाओं का लंगर बंद कराए जाने की कार्रवाई से भाजपा के तमाम नेताओं ने नाराजगी का हजहार किया है। उनका कहना है कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर सारे फसाद की जड़ अफसर हैं। यदि शुरू से ही अफसरों ने ठीक तरह से कार्रवाई की होती तो शायद यह रायता इतना ज्यादा बिखरा होता। वहीं दूसरी ओर सीएम के मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी दो टूक कह गए हैं, सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का सख्ती से अक्षरत: पालन कराया जाएगा। उन्होंने यह भी माना कि आवास विकास के अफसरों ने जिस तरह की पैरवी करनी चाहिए थी, वैसी पैरवी नहीं की।

अवनीश अवस्थी से सांसद व विधायकों पर सवाल

सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो प्रकरण पर चर्चा के लिए अवनीश अवस्थी मेरठ आए और भाजपा के सांसद व विधायकों से उनकी मुलाकात का ना होना या दूरी बना लिए जाने के निहितार्थ तलाशे जा रही हैं। वहीं दूसरी ओर मुख्य मंत्री के मुख्य असलाहकार अवनीश अवस्थी ने सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो समेत शास्त्रीनगर क्षेत्र के व्यापारियों से सरकार पर भरोसा रखने का आग्रह करते हुए बेहिचक माना की इस मामले में आवास विकास परिषद के अफसरों के स्तर पर जिस तरह की पैरवी अदालत में की जानी चाहिए थीं, जो बातें बतायी जानी चाहिए थीं, वो उस मजबूती से नहीं बतायी जा सकीं। ठीक से पैरवी नहीं की गयी। लेकिन अब सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है। उन्होंने कहा कि नाउम्मीद ना हों, पैरवी में कोई कोरकसर नहीं छोड़ी जाएगी। अवनीश अवस्थी ही नहीं उनके साथ कई दूसरे अफसर भी आए थे, लेकिन इस मुलाकात को लेकर व्यापारी सांसद व विधायकों के स्तर से जिस गरमजोशी की उम्मीद कर रहे थे वो नजर नहीं आयी।

खूब वाकिफ हैं तरीकों से

सीनियर आईएएस अवनीश अवस्थी मेरठ के डीएम भी रहे चुके हैं और प्रदेश के आवास आयुक्त भी रह चुके हैं। आवास विकास परिषद के अफसरों के कामों से उनसे ज्यादा बेहतर तरीके से और कौन जानकारी रख सकता है। शायद यही वजह रही जो उन्होंने कह दिया कि सेंट्रल मार्केट प्रकरण में अफसरों ने ही ठीक पैरवी नहीं की। इस मामले को पूरी मजबूती से उठाने वाले संयुक्त व्यापार सघ अध्यक्ष अजय गुप्ता और उनके टीम ने एक बार फिर साल पुरजोर तरीके से बताया कि जो मकान आवास विकास ने बनाकर बेचे हैं उनमें भी सेटबैक नहीं छोड़ा गया है। इसके अलावा साल 1982 के अपने ही बॉयलॉज से आवास विकास परिषद के अफसर किस कारण से मुंह मोड़ रहे हैं। अजय गुप्ता बॉयलॉज को नजीर बता रहे हैं। अजय गुप्ता के साथ अवनीश अवस्थी से मिलने वालों में अरुण वशिष्ठ, अंकुर गोयल खंदक, अंकित मनू सदर, सतीश गर्ग व वीरेन्द्र शर्मा भी मौजूद थे। नवीन गुप्ता भी मिलने को पहुंचे थे। आयुक्त आवास पर उन्होंने व्यापारियों से भी मुलाकात की। उनकी बात को समझा।व्यापारियों ने अपनी परेशानियां विस्तार से बताईं, जिस पर अवनीश अवस्थी ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट में उनका पक्ष मजबूती से रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के ‘सेटबैकÓ संबंधी आदेश का पालन करना अनिवार्य होगा।

फौरी राहत की उम्मीद ना रखें

व्यापारिरयों को दो टूक बता दिया है कि सरकार से किसी फौरी राहत की उम्मीद ना रखें। सरकार के विशेष प्रतिनिधिमंडल में अवनीश अवस्थी के साथ प्रमुख सचिव आवास एवं विकास पी गुरुप्रसाद और आवास एवं विकास परिषद के आयुक्त डॉ. बलकार सिंह भी मौजूद रहे। यह भी कहा कि व्यापारियों को ‘सेटबैकÓ के संबंध में कोई तत्काल राहत नहीं मिलेगी और उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

तेहरवीं का साइड इफैक्ट तो नहीं

भाजपा के सांसदों व विधायकों तथा सरकार से व्यापारी इतने दिनों से मिन्नतें कर रहे थे उस सिस्टम का एकाएक एक्टिवेट हो जाने के पीछे एक दिन पहले यानि बुधवार को सेक्टर दो में हवन तेहरवी का साइड इफैक्ट भी माना जा रहा है। दरअसल भाजपा से मिले विश्वासघात को व्यापारियों ने तेहरवीं करा दिया है। भाजपा में ऐसे नेताओं की लंबी फेरिस्त है जो मान रहे हैं कि तेहरवीं का संदेश केवल दक्षिण विधानसभा या मेरठ की बाकि विधानसभा नहीं बल्कि पूरे देश में बुरा परिणाम देने वाला साबित हो सकता है।

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