दहलने के मुहाने पर है मिडिल ईस्ट, ईरान अमेरिका और लेबनान की इजरायल से चल रही बातचीत गई है टूट
नई दिल्ली। किसी भी वक्त धमका हो सकता है। जिस लड़ाई से पूरी दुनिया बुरी तरह से डरी हुई है वो दोबारा से भड़क सकती है। यदि ऐसा वाकई हो गया तो यह तीसरा विश्व युद्ध होगा जिसमें दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी खत्म हो जाएगी। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित एशियाई देश होंगे। लेकिन तीसरे विश्व युद्ध की आग से पूरी दुनिया में तपिश महसूस की जाएगी। यह आशंका न्यूयार्क की एक नामी यूनिवर्सिटी के डीन ने जतायी हे। इसके पीछे वह तर्क देते हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस प्रकार से इजरायल के कहने पर ईरान से जंग को बाकायदा एक बड़ी कीमत देकर खरीदा है उस कीमत की आने वाली किश्ते अमेरिका ही नहीं दुनिया के लोग चुकाएंगे। ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत नहीं हो पा रही है। लेबनान और इजरायल के बीच भी बाचतीत टूट गयी है।
एक दूसरे पर हमले को तैयार
ईरान और अमेरिका तथा लेबनान व इजरायल के बीच दोबारा से लड़ाई के आसार साफ नजर आ रहे हैं। इजरायल का रवैया बता रहा है कि वह लेबनान के आसामान पर एयर स्ट्राइक के लिए मरा जा रहा है। दरअसल इजरायल व लेबनान के बीच बातचीत का जरिया अमेरिका बना हुआ था। दोनों देशों के बीच वाशिंगटन में बाचतीत के कुछ दौर भी हुए। लेबनान अब इस बातचीत से पीछे हट गया है। लेबनान का कहना है कि इजरायल के वापस होने तक बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। बातचीत तभी हो सकती है जब इजरायल लेबनान की जमीन खाली करे। ऐसे हालात में लड़ाई तय मानी जा रही है।
ट्रंप की धमकियां
ईरान के हाथों पिट रही भद्द के बाद डोनाल्ड ट्रंप बार-बार धमकी दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर लड़ाई की आशंका चलते ईरान अपनी स्थिति मजबूत करने में लगा है। बारूदी सुरंगों की पूरी बस्ती तैयार की जा रही है। इतना ही नहीं ईरान इससे भी आगे बढ़कर स्ट्रेट होर्मूज से गुजरने वाले शिप पर हमला कर रहा हैञ उन पर कब्जे कर रहा है। चीन और रूस पहले से ही कह चुके हैं कि ईरान के साथ हैं। जबकि अमेरिका इस समय खुद को लड़ाई से निकलाने के लिए भी लड़ाई छेड़ने में परहेज नहीं बरतेगा।


