ट्रंप बोले नेतन्याहू को खूब सुनाई

Shekhar Sharma
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ईरान के अमेरिका से बातचीत से पीछे हटने की वजह ट्रंप नेतन्याहू को हैं मान रहे, फोन पर बातचीत में बुरा भला कहने की बात की स्वीकार

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में लेबनान और ईरान के मुद्दों को लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर काफी गुस्से में दिखे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फोन कॉल पर ट्रंप ने नेतन्याहू की आक्रामक नीतियों और बेरूत पर हमलों को लेकर कड़ी फटकार लगाई। वहीं दूसरी ओर ईरान ने भी अमेरिका के साथ चल रही बातचीत को लेकर सख्त रुख अपना लिया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर उस पर हमला किया है।

ट्रंप बोले हां सुनाई बेंजामिन को

ट्रंप ने माना कि उन्होंने नेतन्याहू को खरीखोटी सुनाई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को खरीखोटी सुनाई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उस वक्त वह गुस्से में बिलकुल नहीं थे। डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सियोस की उस रिपोर्ट को सही ठहरा दिया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने एक फ़ोन कॉल के दौरान इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को ग़ुस्से में अपशब्द कहे। बेजामिन नेतन्याहू को भला बुरा कहने की पुष्टि ट्रंप ने एक पॉडकास्ट में की।

लेबनान में लगातार लड़ाई पर जाहिर की चिंता

‘पॉड फ़ोर्स वन विद मिरांडा डिवाइन’ की होस्ट ने जब ट्रंप से सवाल किया, “एक्सियोस ने रिपोर्ट किया कि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से आपकी फ़ोन पर बातचीत हुई, जिसमें आप ग़ुस्से में थे. आपने कहा, ‘क्या तुम पागल हो? तुम क्या कर रहे हो? मैंने तुम्हें जेल जाने से बचाया.’ क्या यह सच है कि आपने उनसे इसी तरह से बात की?” इस पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हां, मैंने की थी. मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं ग़ुस्से में था, लेकिन लेबनान के साथ उनकी लगातार लड़ाई को लेकर मैं थोड़ा चिंतित था।”ट्रंप ने कहा, “मैंने कहा कि बीबी (नेतन्याहू) एक वक़्त पर हमें इसे रोकना होगा. लेकिन हमारे संबंध बहुत अच्छे हैं। हमने साथ मिलकर अच्छा काम किया है।”

मानने को तैयार नहीं नेेतन्याहू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि इजरायल को लेबनान पर एयर स्ट्राइक बंद कर देनी चाहिए। दरअसल ट्रंप का मानना है कि ईरान के साथ शांति समझौता ना होने की एक और बड़ी वजह लेबनान पर इजरायल के लगातार हो रहे हमले और वहां की जा रही बर्बरता है। दरअसल ईरान बार-बार कह रहा है कि समझौता तभी हो सकता है जब लेबनान पर इजरायली हमले बंद हो जाएं। 28 अप्रैल को ईरान के साथ सीज फायर के बाद ट्रंप ने लेबनान पर इजरायली बमबारी ना होने देने की बात कही थी, लेकिन नेतन्याहू इस मामले में ट्रंप पर भारी पड़े। उन्होंने लेबनान पर बमबारी रोकने से साफ मना कर दिया। अब जब ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत से साफ मना कर दिया तो ट्रंप का पार चढ़ गया। इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार मानते हुए उन्होंने नेतन्याहू को खूब खरीखोटी सुना डाली।

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