हद हो गई अबू धाबी सेंटर! किरकिरी के बाद भी सुधरते नहीं अफसर

Shekhar Sharma
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NEET Re-Exam NTA की भारी चूक! नागपुर के छात्र को दे दिया अबू धाबी का सेंटर, अब मानी गलती

नई दिल्ली/ नीट-यूजी (NEET-UG) री-परीक्षा से ठीक एक दिन पहले एनटीए (NTA) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र के रूप में 2500 किलोमीटर दूर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबू धाबी का स्कूल आवंटित कर दिया गया था। हालांकि, भारी किरकिरी और विवाद बढ़ने के बाद एनटीए ने केंद्र को बदलकर वापस नागपुर कर दिया है, इस घटना पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सफाई देते हुए कहा है कि कैंडिडेट के लॉग इन से ही ओपन करेक्शन विंडो में अबू धाबी का चयन किया गया था। वहीं छात्र के परिवार का दावा है कि उनके द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया और छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार और एनटीए पर तीखे हमले किए हैं।

नीट यूजी 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक पहले एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जारी एडमिट कार्ड में एक कथित गड़बड़ी के चलते नागपुर के एक छात्र को परीक्षा केंद्र के तौर पर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ‘अबू धाबी’ अलॉट कर दिया गया। 21 जून को होने वाली इस री-नीट परीक्षा से पहले इस घटना ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है।

पासपोर्ट तक नहीं:

जानकारी के मुताबिक, अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब नाम के इस छात्र ने नागपुर से आवेदन किया था और उसे पूरी उम्मीद थी कि उसे देश के भीतर ही कोई परीक्षा केंद्र मिलेगा। लेकिन जब उसने आधिकारिक वेबसाइट से अपना री-नीट 2026 का एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, तो उसमें भारत के बजाय अबू धाबी (UAE) स्थित एक ‘इंडियन स्कूल’ को परीक्षा केंद्र बताया गया था। इस छात्र के लिए समस्या इसलिए भी बड़ी हो गई क्योंकि उसके पास पासपोर्ट ही नहीं है, जिसके कारण विदेश यात्रा करके परीक्षा में शामिल होना उसके लिए पूरी तरह से असंभव है। सोशल मीडिया पर भी इस एडमिट कार्ड का एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है।छात्र अब्दुल्ला मोहम्मद तालिब के पिता मोहम्मद तालिब ने कहा, “…कल शाम 4 बजे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद, हमने देखा कि सेंटर के तौर पर अबू धाबी का एक स्कूल बताया गया था। हम बहुत हैरान रह गए क्योंकि हमने अपनी पसंद में ऐसा कोई ऑप्शन नहीं दिया था। हमने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल किया। उन्होंने हमें मेल भेजने के लिए कहा। जब हमने मेल भेजा, तो हमें कॉल आया कि शनिवार शाम 4 बजे तक हमें नया एडमिट कार्ड जारी कर दिया जाएगा। हमने ऑप्शन के तौर पर 3 जिले चुने थे, लेकिन अब हमारी मांग है कि नागपुर को सेंटर बनाया जाए क्योंकि वह सदमे में है। किसी दूसरे जिले में जाने का समय नहीं है। वह कल बहुत रोया और परीक्षा भी नहीं देना चाहता था। लेकिन उसकी मां ने उसे समझाने की कोशिश की। अगर वह मान जाता है, तो वह परीक्षा देगा। उसके पास पासपोर्ट भी नहीं है…”

NTA ने मानी गलती

मामला तूल पकड़ने के बाद इसे एनटीए अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, एनटीए ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और बताया है कि यह एक ‘तकनीकी गड़बड़ी’ के कारण हुआ है। एजेंसी ने छात्र के परिवार को भरोसा दिया है कि इस पर तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। छात्र को सही परीक्षा केंद्र के साथ एक नया और संशोधित एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा। परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि उन्हें एनटीए की तरफ से एक ईमेल भी मिला है, जिसमें शाम तक इस गलती को सुधारने का आश्वासन दिया गया है।

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