
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर इस्लामिक (आईआरजीसी) ने स्ट्रेट होर्मूज को फिर से बंद कर दिए जाने का एलान

नई दिल्ली। लेबनान पर इजरायल के हमले से नाराज ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर इस्लामिक (आईआरजीसी) ने दुनिया के सभी जहाजों के लिए स्ट्रेट होर्मूज समुद्री रास्ते को फिर से बंद कर दिए जाने का एलान किया है। वहीं दूसरी ओर मीडिया में आए इस तरह के रिपोर्ट को बकवास बताते हुए इस प्रकार की रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। जो हालात बने हैं उनके चलते मिडिल ईस्ट का संकट समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है। दुनिया के तमाम देश इसके लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस जलमार्ग के करीब आने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
संकट में स्विटजरलैंड वार्ता
जो हालात फिलहाल बने हुए है उसके चलते 21 जून रविवार को स्विटजरलैंड में होने जा रही वार्ता पर संकट से इंकार नहीं किया जा सकता। 21 जून को स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होने जा रही है।इसकी पुष्टि मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान, ईरान के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने की है।
लोगों का क्रूर जनसंहार
ईरानी ख़ातम अल-अंबिया मुख्यालय ने शनिवार को अपनी घोषणा के पीछे अमेरिका के साथ हुए युद्धविराम समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का कारण बताया है। उन्होंने दक्षिणी लेबनान में इसराइल की ओर से ‘लगातार युद्धविराम का उल्लंघन’ और लेबनान के ‘लोगों का क्रूर जनसंहार’ करार दिया है। होर्मुज़ स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल परिवहन रास्तों में शुमार किया जाता है। दुनिया का करीब बीस से तीस फीसदी कच्चा तेल इसी के रास्ते से गुजरता है। यदि इसको वाकई बंद कर दिया है तो यह दुनिया के लिए नया संकट होगा।


