शांति समझौता बातचीत फिर भी धमकी चल क्या रहा

Shekhar Sharma
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डोनाल्ड ट्रंप समझौता जमीन पर उतारने को उताबले हैं, लेकिन ईरान काे धमकाने की आदत फिलहाल छोड़ते नजर नहीं आ रहे

नई दिल्ली। ईरान और यूएस के बीच वो शांति समझौता साइन हो चुका है जिसके लिए डोनाल्ड ट्रंप मरे जा रहे थे। लेकिन शांति समझौत होने के बाद एकाएक ट्रंप के तेवर बदल गए हैं। स्विटजरलैंड में ईरान व यूएस के वार्ताकारों के बीच बातचीत शुरू होने से पहले ट्रंप का लहजा बेहद वाहियात नजर आया। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा, “ईरान को लेबनान में अपने ज़्यादा पैसे वाले प्रॉक्सी को परेशानी खड़ी करने से तुरंत रोकना चाहिए।” इसके साथ ही ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत ज़ोर से हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ़्ते किया था, बस और ज़्यादा।” दुनिया के देश हैरान है और परेशान भी कि आखिर चल क्या रहा है। जो ट्रंप शांति समझौते के लिए किसी भी हद तक ईरान के सामने सरेंडर की मुद्रा में आ गए थे वो अब उसको क्यों अपने बयानों से उकसा रहे हैं।

जेडी वेंस का कबूलनामा

यूएस के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उनकी ज़िंदगी में दो बहुत ज़रूरी लोग हैं, एक भारतीय और एक पाकिस्तानी। उनका इशारा उनकी भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर की ओर था। हालांकि जेडी वेंस ने कहा कि यह बात उन्होंने मज़ाक में कही। जब से शांति समझौता साइन हुआ है पाकिस्तान के पीएम आसिफ मुनीर और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर यूएस की आंख का तारा बन गए हैं।जेडी वेंस ने कहा, “इस्लामाबाद और यहां को छोड़कर, यानी पिछले कुछ महीनों से पहले, ईरानी और अमेरिकी लीडरशिप इस लेवल पर कभी नहीं मिले हैं। राष्ट्रपति ने हमें एक नया अध्याय शुरू करने और ईरान के लोगों के साथ अपने रिश्तों को बदलने और उनकी तरफ़ दोस्ती का हाथ बढ़ाने की ज़िम्मेदारी दी है।”

खुलकर पाकिस्तान की तारीफ

पाकिस्तान की भूमिका की तारीफ़ करते हुए, अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के शुक्रगुज़ार हैं, “जो राष्ट्रपति और मेरे क़रीबी दोस्त हैं। उनकी लीडरशिप और बातचीत की अच्छी कोशिशों ने हमें इस मुकाम तक पहुंचाया है।” वैंस ने कहा कि मैंने शायद फ़ील्ड मार्शल मुनीर से पिछले कुछ महीनों में जितनी बात की है, उतनी शायद किसी और से नहीं हुई उनके डिप्लोमैटिक रोल के बिना, हम यहां नहीं होते। वह निश्चित रूप से एक महान मिलिट्री लीडर हैं, लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने खुद को एक बेहतरीन डिप्लोमैट भी साबित किया है।”

एटमिक एनर्जी ईरान के लिए फर्स्ट

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा, “ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने बुनियादी अधिकार से कभी पीछे नहीं हटेगा और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई ने हमेशा इस स्थिति को बरक़रार रखा है।” अमेरिका के पास को तेहरान में एक समारोह में ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, “सर्वोच्च नेता ने कई मौकों पर यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान परमाणु बम बनाना नहीं चाहता है।” वार्ता के दौरान अमेरिका की मांग यह थी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए।

यूएस की नाराजगी दरकिनार

इजरायल ने यूएस प्रेसीडेंट ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की नाराजगी को एक सिरे से खारिज कर दिया है और शांति समझौते की पहली शर्त लेबनान से इजरायली सेना की वापसी को मानने से साफ इंकार कर दिया है।इसराइली रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने कहा है कि इसराइली सेना लेबनान में ‘सुरक्षा क्षेत्रों’ में बनी रहेगी और उसे किसी भी ख़तरे का जवाब देने के आदेश हैं।अमेरिका और ईरान के बीच नाज़ुक संघर्ष विराम में लेबनान में इसराइली सैन्य कार्रवाई एक बड़ी बाधा साबित हुई है और इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जेडी वेंस सार्वजनिक रूप से अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर चुके हैं।

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