पुलिस वैन में वकील को चांटे मारने पर बढ़ सकती हैं अविनाश पांडे की मुश्किलें, भाकियू प्रवक्ता किसान नेता राकेश टिकैत बोले दोबारा भेजा जाए ट्रेनिंग के लिए, असपा समेत पूरा विपक्ष घटना को लेकर लामबंद
मेरठ/ पुलिस वैन में वकील को चांटे मारने की घटना एसएसपी को लेकर एसएसपी अविनाश मुश्किलें बढ़ सकती हैं। घटना को लेकर एसएसपी के खिलाफ एडीजी कार्यालय पर महा पंचायत का एलान किया गया है। वहीं दूसरी ओर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अविनाश पांडे को दोबारा से ट्रेनिंग पर भिजवाए जाने की मांग की है। इस मामले को लेकर आज आजाद समाज पार्टी से सांसाद चंद्रशेखर आजाद भी मेरठ पहुंचे। वह ललिता के परिजनों से मिले। वहीं दूसरी ओर अरेस्टिंग के बाद प्रदर्शनकारियों को पुलिस वैन में चांटे मारे जाने की घटना की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। एसएसपी के खिलाफ देश भर में खासतौर से सोशल मीडिया पर मोर्चा खुल गया है। एक एसएसपी के तौर पर उनकी कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। भाकियू नेता राकेश टिकैत ने तो और दो कदम आगे बढ़ाते हुए अविनाश पांडे को दोबारा ट्रेनिंग पर भेजे जाने की की बात कही। वह यही नहीं रुके। राकेश टिकैत ने यहां तक कहा कि अविनाश पांडे को समझाए जाने की जरूरत है कि प्रदर्शनकारियों से कैसे बात की जाती है। फिर जब अरेस्ट कर लिया गया था तो पुलिस वैन में बंद कर चांटे मारने की क्या जरूरत थी। राकेश टिकैत का बयान सोशल मीडिया पर वायरल है। राकेश टिकैत के अलावा भाकियू तोमर गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यदि १२ जुलाई तक चांटेबाज एसएसपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो १३ जुलाई को एडीजी कार्यालय पर महा पंचायत की जाएगी। उन्होंने अपने संगठन को इसकी तैयारी में जुटने को कहा है। उन्होंने शासन प्रशासन को भी चेतावनी दे डाली है।
डेमेज कंट्रोल का प्रयास
गिरफ्तारी के बाद पुलिस वैन में एडवोकेट रवि गौतम को एसएसपी के चांटों ने भाजपा संगठन और सरकार के लिए भी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इस मामले को लेकर भाजपा साल २०२७ के विधानसभा चुनावों के चलते बेहद सावधानी बरत रही है। अभी तक भाजपा का कोई नेता इस मामले में एसएसपी के ना तो बचाव में आया है और खिलाफत का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। सूत्रों की मानें तो भाजपाइयों का प्रयास है कि एसएसपी के चांटा कांड़ का नुकसान भाजपा को विधानसभा चुनाव में ना उठाना पड़े। नाम ना छापे जाने की शर्त पर तमाम भाजपाई मान रहे हैं कि एसएसपी के चांटा कांड का साइड इफैक्ट केवल मेरठ की सात विधानसभा सीटों पर ही नहीं बल्कि प्रदेश भर की दलित बाहुल्य सीटों पर पड़ सकता है। इसी के चलते एसएसपी से किनाराकशी की जा रही है। दूसरी ओर एसएसपी अविनाश गौतम और उनके मातहत भी लगता है कि तमाम काम छोड़कर चांटा कांड़ के डेमेंज कंट्रोल में जुट गए हैं। खुद एसएसपी के बयान सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। लेकिन इन बयानों में पुलिस वैन में चांटे मारे जाने से पूरी तरह से कन्नी काट ली गयी है। ना ही वैन में पिटाई के जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं उनको लेकर कुछ सफाई दी जा रही है।
राजनीतिक मजमा बनेगा मुश्किल
एसएसपी के चांटा कांड़ को लेकर जिस प्रकार से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है उसके चलते आशंका है कि आने वाले दिनों में पुलिस प्रशासन के उच्च पदस्थ अफसरों की परेशानियां बढ़नी तय हैं। ललिता गौतम के परिजनों से मिलने के िलए तमाम दलों के बड़े नेता पहुंचेंगे। इस मामले को लेकर जिस प्रकार से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का बयान आया है उसके चलते संभव है कि एसएसपी का चांटा कांड़ उत्तर प्रदेश विधानसभा में गूंजे। इसके अलावा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मामले की शिकायत और साक्ष्य भी अविनाश पांडे की मुश्किलें बढ़ाने वाले साबित होंगे। वहीं दूसरी ओर मेरठी कांग्रेसियों का प्रयास है कि इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी या फिर सांसद प्रियंका गांधी का कोई बयान आए, हालांकि प्रदेश कांग्रेस के अजय राय ने पूरी घटना पर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। इनके अलावा पूर्व सीएम मायावती ने भी घटना की कठोर शब्दों में निंदा की है।


