ना मंत्री चाहिए ना सांसद-विधायक, निशाने पर व्यापार संघ

Shekhar Sharma
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शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट वालों की दो टूक नहीं चाहिए बैसाखी, खुद अपनी लड़ाई लड़ने का एलान, सैकड़ों महिला पुरूषों की आवास विकास पर चढ़ाई

मेरठ। आशियानों को बचाने की लड़ाई में खुद को नेताओं और कुछ अन्य के हाथों ठगा हुआ महसूस कर रहे शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट के लोगों की आखिरकार देर से ही सही आंखें खूल गयीं। उन्होंने ऐलान किया है कि उन्हें ना सांसद की जरूरत है और ना ही मंत्री और विधायक की। यहां के लोगों ने संयुक्त व्यापार संघ के उन नेताओं को भी खूब खरीखोटी सुनाई है जो साथ देने का दम भरते थे लेकिन नजर भी नहीं आते। शास्त्रीनगर और सेंट्रल मार्केट के लोगों ने दो टूक कहा है कि वो अपनी लड‍़ाई खुद लड़ने की कूबत रखते हैं और आज उन्होंने ऐसा कर भी दिखाया। सैकड़ों महिला पुरूषों ने अपने आशियानों को बचाने के लिए आवास विकास परिषद के दफ्तर धावा बोल दिया। वहां घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इनमें जगदंबा हास्पिटल के रविन्द्र गुर्जर भी शामिल रहे। तमाम स्कूल संचालकों की ओर से अध्यक्ष सरदार कुलवंत सिंह से समर्थन व आखिर तक साथ देने का एलान किया है। प्रदर्शनकारियों में नर्सिंगहोम संचालक भी शामिल रहे।

पूरी प्लानिंग के साथ तैयारी

अपने बूते अपनी लड़ाई लड़ने की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी गयी थी। इसी क्रम में वाट्सअप ग्रुप का सहारा लिया गया। इस ग्रुप ने सबको एकजुट करने में अहम मदद की। हालांकि लोगों की नाराजगी और निशाने पर भाजपा नेता और व्यापार संघ के नेता रहे जो कहा करते थे कि उनके रहते हुए कोई एक ईंट भी नहीं छू पाएगा ध्वस्तीकरण तो दूर की बात रही।

किसान नेता विजय राघव ने कहा कि आवास विकास का घेराव है उस पर क्या तैयारी है। मेरे विचार से फिलहाल कल के कार्यक्रम की तैयारी पर आप चर्चा करें और उसकी तैयारी करें बाकी कल शाम को आगे की रणनीति पर बात करेंगे, क्योंकि मैं तो एक आंदोलनकारी हूं तो मुझे तो यही भाषा समझ आती है और यही तरीका मुझे आता है परंतु आप सब लोगों को मुझे लगता है कि कम से कम अब तो यह जान लेना चाहिए कि आंदोलन के अलावा इस समस्या का कोई और विकल्प और कोई और इसका समाधान नहीं है नहीं है नहीं है। आंदोलन का अर्थ किसी सरकार या किसी संस्था से लड़ना नहीं होता आंदोलन का अर्थ होता है गलत नीति से लड़ना बुराई के खिलाफ लड़ना अत्याचार के खिलाफ लड़ना और सरकार को सही रास्ते पर लाना सही मार्ग पर लेकर जाना ताकि सरकार सही नीति बनाए और सही मार्ग पर देश और प्रदेश को लेकर आगे बढ़े। उनकी बात का ग्रुप ने पूरा समर्थन किया। ग्रुप के मुनीश शर्मा ने कहा कि विजय राघव जी मैं किसान आंदोलन बहुत देखे हैं और आप भी करते आ रहे हो अपने इन व्यापारियों के लिए हर तरह की लड़ाई लड़ी है आपको जिला कारगर में भी निरुद्ध होना पड़ा था लेकिन यहां के व्यापारियों की आंखें अभी भी नहीं खुल रही हैं अब नहीं जागे तो कभी नहीं जाग सकते

निशाने पर सांसद-मंत्री-विधायक व व्यापार संघ

आशियानें और अपना राेजगार बचाने की जंग लड़ रहे शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट वालों के निशाने पर भाजपा के सांसद, मंत्री और विधायकों के अलावा संयुक्त व्यापार संघ के नेता भी हैं। हालांकि मुनीश शर्मा का कहना है कि सीएम योगी यहां के लोगों का दर्द समझते हैं उन्हें राहत देनी चाहिए। एक अन्य शख्स का कहना है कि आए दिन हादसे होते हैं उसका मतलब यह नहीं इसके लिए कामर्शियल या रेजिडेशियल अथवा नक्शा पास ना कराना जिम्मेदार है। संजीव अग्रवाल का कहना है कि आपको छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया है। अब आंदोलन से उनकी कोई हमदर्दी नहीं रह गयी है। जिन्हें नोटिस नहीं जिन पर कार्रवाई नहीं वो चैन की बंसी बजा रहे हैं। एक शख्स ने व्यापार संघ पर निशाना साधते हुए कहा है कि व्यापार संघ के नेता तो भाजपा के गुलाम हो गए हैं। व्यापार संघ में केवल व्यापारी की बात रखनी चाहिए ना कि किसी पार्टी या सरकार की। दूसरे शख्स का मानना है कि भाजपा नेताओं की एंट्री बैन कर देनी चाहिए। मंत्री, सांसद, विधायक या भाजपा के किसी नेता की जरूरत नहीं अब खुद अपनी लड़ाई लड़नी होगी। इसका असर भी हुआ और जो आवास विकास के दफ्तर पर भारी भीड़ के रूप में नजर आया। आरटीआई एक्टिवस्ट राहुल ठाकुर ने भी लोगों को आवास विकास पहुंचने के लिए प्रोत्साहित किया। शैंकी वर्मा ने एकजुटता दिखाने के लिए शास्त्रीनगर और सैंट्रल मार्केट के लोगों को बधाई दी।

खुद से मतलब

आवास विकास परिषद पर प्रदर्शन के दौरान जमा लोगों ने दो टू कह दिया कि उनको ना चुनाव से मतलब है ना किसी सांसद, मंत्री या विधायक से कुछ लेना देना है। उन्हें केवल खुद से मतलब है। इस लड़ाई में उनकी मदद करने ना कोई सांसद आ रहा ना मंत्री विधायक और ना ही संयुक्त व्यापार संघ का कोई नेता आकर झांक रहा है। अकेले ही अपनी लड़ाई लड़नी पड़ रही है। लोगों ने आवास विकास परिषद पर धरना शुरू कर दिया।

सील भवनों का होगा ध्वस्तीकरण

वहीं दूसरी ओर बताया गया है कि जो 44 भवन सील कर दिए गए हैं उनका ध्वस्तीकरण की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है। आवास विकास के अफसर जेसीबी आदि का इंतजाम कर रहे हैं। ध्वस्तीकरण के अभियान में पुलिस प्रशासन को भी शामिल किया जाएगा। पूरी सख्ती के मूड में ध्वस्तीकरण की योजना बनायी गयी है। आवास विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आवासीय भवनों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी। शास्त्रीनगर, जागृति विहार और माधवपुरम समेत कई आवासीय योजनाओं में सर्वे कराया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर इसी अभियान के तहत शास्त्रीनगर में आवासीय भूखंडों पर चल रहे 21 अस्पतालों और नर्सिंग होम को नोटिस दिए गए हैं। परिषद ने 13 अगस्त को इन अस्पतालों पर नोटिस चस्पा किए थे। EWS और LIG मकानों में व्यावसायिक गतिविधियों और सेटबैक के नियमों को लेकर भी मामला चल रहा है। इसकी अगली सुनवाई सितंबर में होनी है।

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