कसूरवारों पर FIR के बावजूद कार्रवाई में देरी से खिन्न है सदर जैन समाज के लाखों परिवार व धार्मिक लोग
वहां तो अभी ना आरोपी तय ना कोई FIR यहां तो आरोपी भी चिन्हित और डा. संजय जैन की तहरीर पर 11 आरोपियों पर गंभीर धाराओं में FIR भी
मेरठ। अयाेध्या में श्रीराम मंदिर में दान की रकम की लूट या कहें चोरी मामले की दुनिया भर में गूंज सुनाई दे रही है। हिन्दू समाज आक्रोशित है, लेकिन अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी सरीखी लूट से बड़ा कांड़ तो मेरठ के सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में अंजाम दिया गया। अयोध्या जी में तो अभी ना तो वारदात के आरोपी का पता ना ही कोई FIR लेकिन सदर दुर्गाबाड़ी स्थित जैन मंदिर की यदि बात करें तो यहां तो आरोपी भी चिन्हित हैं और उनके खिलाफ पुलिस ने ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन की तहरीर पर मेरठ। अयाेध्या में श्रीराम मंदिर में दान की रकम की लूट या कहें चोरी मामले की दुनिया भर में गूंज सुनाई दे रही है। हिन्दू समाज आक्रोशित है, लेकिन अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी सरीखी लूट से बड़ा कांड़ तो मेरठ के सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में अंजाम दिया गया। अयोध्या जी में तो अभी ना तो वारदात के आरोपी का पता ना ही कोई FIR लेकिन सदर दुर्गाबाड़ी स्थित जैन मंदिर की यदि बात करें तो यहां तो आरोपी भी चिन्हित हैं और उनके खिलाफ पुलिस ने ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन की तहरीर पर FIR भी दर्ज की हुई है। हालांकि यह बात अलग है भगवान काे धोखा देने वालों पर शिकंजा कसने के लिए डा. संजय जैन को भारी मुसीबतें उठानी पड़ी, यह बात अलग है कि समाज हित और मंदिर में तथाकथित पदाधिकारियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में डा. संजय जैन ना तो इन मुसीबतों से डरे ना ही उनके कदम उन्हें और उनके परिवार को दी गयी धमकियां से डगमगाये, हालांकि सदर जैन मंदिर में लूट करने वालों को सलाखों के पीछे तक पहुंचाना अभी बाकि है, लेकिन डा. संजय जैन का कहना है कि उन्हें योगी जी की पुलिस पर पूरा भरोसा है। केवल सीएम योगी ही देश भर के ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनकी पुलिस पर केवल यूपी ही नहीं देश भर की जनता भरोसा करती है, हालांकि यह बात अलग है कि सदर जैन मंदिर में दान के धन की लूट या कहें चोरी के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने में अनर्गल देरी की जा रही है।
ये है वो जिन्हें पुलिस ने माना है कसूरवार
डा. संजय जैन की तहरीर पर पुलिस ने जिन्हें तमाम जांचों में कसूरवार मानते हुए FIR दर्ज की है, उनमें पहला नाम अध्यक्ष रंजीत के अलावा मृदुल, दिनेश मंत्री, सुशील चावल, विजय भंडारी, संजय सुखदा, सुनील प्रवीण, कैंट बोर्ड के पूर्व सदस्य अनिल जैन, अनिल बंटी आदि शामिल हैं। इन पर FIR यूं ही दर्ज नहीं कर ली गयी। एक लंबी जांच प्रक्रिया और ठोस साक्ष्यों के अलावा आरोपियों की अपराध को लेकर स्वीकृति के बाद ही सदर जैन मंदिर में दान के धन संपदा की लूट की FIR दर्ज की गई है। यह बात अलग है कि इनमें से कुछ हाईकोर्ट से अरेस्ट स्टे ले आए हैं लेकिन वो भी सशर्त है यानि सिर्फ साठ दिन की आजादी थी और उस आजादी की मियाद को पूरे हुए अब एक साल होने जा रहा है। यानि आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में पुलिस का कोई खास मशक्कत नहीं करनी। डा. संजय जैन बताते हैं कि अरेस्ट स्टे केवल साठ दिन का था। वो बताते हैं कि इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई में लेटलतीफी दिखाना सवाल तो पूछा जाएगा, जबकि तमाम जांचें व FIR तत्कालीन एसएसपी के आदेश पर हुई हैं। यह मामला अब केवल दान के धन संपदा की चोरी तक सीमित नहीं रह गया है, विधि विशेषज्ञों की राय में यह मामला अब पुलिस के लिए आरोपियों की आय के श्रोतों की जांच करने से भी आगे बढ़ गया है, क्योंकि मामला राजस्व हानि से जुड़ा है।
अध्याेध्या के दौ सौ करोड़ से बहुत ज्यादा
अयाेध्या के श्रीराम मंदिर से चढावे के दो सौ करोड़ से सदर दुर्गाबाड़ी जैन मंदिर की रकम की यदि बात करें तो वह बहुत ज्यादा है। डा. संजय जैन बताते हैं कि दौ सौ करोड़ से ज्यादा तो अनुमानित नकदी ही है। इसके अलावा कई किलो सोना, हीरे और दूसरे कीमती माणिक्य जिनकी लूट तथाकथित नामजद पदाधिकारियों ने की है। लेकिन इस सब में सबसे दुख पहलू यह कि FIR दर्ज करने वाली थाना सदर बाजार पुलिस ने आरोपियों से अभी तक रिकबरी नहीं की। रिकबरी किया जाना अभी बाकि है जबकि आरोपी पुलिस पड़ताल में अपना अपराध स्वीकार कर चुके हैं।
यह है पूरा मामला
सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में जिनके खिलाफ थाना सदर बाजार पुलिस ने FIR दर्ज की है उन्होंने स्वयं भू तरीके से मंदिर पर कब्जा किया। नियमानुसार होना यह था कि वहां आम सभा बुलाकर चुनाव कराए जाते और सदर जैन समाज के तमाम लोगों को उस चुनाव में शामिल होने का न्यौता दिया जाता। डा. संजय जैन का कहना है कि जिनके खिलाफ FIR दर्ज की गयी है वो केवल अवैध रूप से मंदिर पर कविज ही नहीं हुए उन्होंने साल दर साल फर्जी चुनाव भी कागजों में दिखाए। चुनाव फर्जी कराए गए यह बात डिप्टी रजिस्ट्रार तथा प्रशासन की जांच में साबित हो चुकी है। उसके बाद ही डिप्टी रजिस्ट्रार में सीओ सदर को पत्र लिखकर इस मामले में आरोपियों पर कार्रवाई का आग्रह किया था। इसी क्रम में डा. संजय जैन ने तहरीर दी जिस पर तमाम लंबी जांचों के बाद एसएसपी के आदेश पर FIR दर्ज की गयी। लेकिन बड़ा सवाल यह कि FIR दर्ज हो चुकी है अरेस्ट स्टे की मियाद पूरी हो चुकी है तो अब पुलिस के स्तर से जो कार्रवाई की जानी चाहिए वो कब होगी..


