दुनिया में तेल व गैस संकट की आशंका

Shekhar Sharma
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अमेरिका के साथ वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद ईरानी कमांडरों को होर्मूज स्टेज पर पहरा

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते दुनिया में तेल व गैस का संकट तय माना जा रहा है। स्ट्रेट होर्मुज के पास से सप्लाई में बाधा के कारण कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और वैश्विक महंगाई बढ़ सकती है। एशिया और यूरोप में ईंधन का राशनिंग शुरू हो गया है, जबकि भारत सरकार स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश कर रही है। इस समय दुनिया में गैस और तेल का संकट बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है। ईरान और अमेरिका के बीच सीज फायर के बाद इस्लामाबाद में चल रही वार्ता बेनतीजा खत्म होने के बाद ईरान ने स्ट्रेट हाेर्मूज को बंद कर दिए जाने बात कही है और वो ऐसा करने भी जा रहा है। हालांकि सीज फायद शुरू होने के बाद स्ट्रेट होर्मूज से तेल गैस लादककर ले जाने वाले जहाजों की निकासी में कोई खास अंतर नहीं आया। इस दौरान होर्मूज स्ट्रेट ईरानी मिसाइलों के पहरे में रहा। अब ईरान ने साफ कर दिया है कि वह स्ट्रेट हाेर्मज को नहीं खोलने जा रहा है। इतना ही नहीं उसने एक वीडियाे भी जारी किया है, जिसमें एक अमेरिकी जहाज को खदेते हुए देखा जा सकता है।

वार्ता टूटने से तमाम देश निराश

ईरान और अमेरिका के बीच सीफफायर के बाद शुरू हुई वार्ता के यूं टूट जाने से तमाम देश निराश हैं। खासतौर सेे वो देश जिनका कच्चा तेल और गैस स्ट्रेट होर्मूज के रास्ते होकर उनके यहां पहुंचता है। हालांकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस वार्ता के बेनतीजा खत्म होने के बाद भी उम्मीद की किरण नजर आने की बात कही। उन्होंने कहा कि “हमें एक सकारात्मक प्रतिबद्धता देखने की जरूरत है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेंगे और न ही वे ऐसे उपकरण हासिल करने की कोशिश करेंगे जो उन्हें जल्दी से परमाणु हथियार प्राप्त करने में सक्षम बना सकें,” वेंस ने एक संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से कहा।”यही संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति का मूल लक्ष्य है, और यही वह लक्ष्य है जिसे हमने इन वार्ताओं के माध्यम से हासिल करने का प्रयास किया है।”

नाउम्मीद फिर भी नहीं ईरान

ईरान ने उम्मीदों को कम करके आंका और अमेरिका पर अनुचित मांगें रखने का आरोप लगाया। “इस राजनयिक प्रक्रिया की सफलता विपक्षी पक्ष की गंभीरता और सद्भावना, अत्यधिक मांगों और गैरकानूनी अनुरोधों से परहेज करने और ईरान के वैध अधिकारों और हितों को स्वीकार करने पर निर्भर करती है,” ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने X पर लिखा।उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों ने कई मुद्दों पर चर्चा की, जिनमें “होर्मुज जलडमरूमध्य, परमाणु मुद्दा, युद्ध क्षतिपूर्ति, प्रतिबंधों को हटाना और ईरान के खिलाफ युद्ध की पूर्ण समाप्ति” शामिल हैं।बगाई ने इस बात पर जोर दिया कि समझौते का न हो पाना व्यापक प्रक्रिया की विफलता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, और कहा, “किसी को भी ऐसी उम्मीद नहीं थी।” लेकिन ईरान ने साथ ही स्ट्रेट होर्मूज पर पहरे की बात दोहरायी। यह बात दुनिया के परेशानी में डालने के लिए काफी है।

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