

शांति समझौते की शर्तें तय, स्टॉकहोम में शुक्रवार को करेंगे दोनों देशों के वार्ताकर हस्ताक्षर
नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में हुए 14-सूत्रीय शांति समझौते के तहत युद्ध और सैन्य गतिविधियां समाप्त हो गई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल कर दी गई है और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त हो रही है ईरान और अमेरिका के बीच आखिरकार समझौता हो गया। समझौते के बाद अब स्ट्रेट होर्मूज का रास्ता खुल जाने का रास्ता भी खुल गया है साथ ही यूएस नेवी की ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी भी खत्म हो गयी है। समझौते में लेबनान पर इजरायली बमबारी पर रोक भी शामिल है। ईरान ने दावा किया है कि समझौते की शर्तों में इजरायल की लेबनान पर आए दिन होने वाली एयर स्ट्राइक पर रोक भी शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि कहा कि स्विट्जरलैंड में समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद शुक्रवार को स्ट्रेट होर्मूज पूरी तरह से खुल जाएगा।
ट्रंप की नेतन्याहू का नसीहत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझोते की प्रक्रिया के दौरान हुए घटनक्रम खासतौर से बेरूत पर इजरायल की एयर स्ट्राइक पर नेतन्याहूु को लताड़ लगाते हुए नसीहत भी दी है। ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर समझौते को लगभग पटरी से उतारने का आरोप लगाया और कहा कि इजरायली नेता को अमेरिकी राजनयिक प्रयासों के लिए “बहुत आभारी होना चाहिए”। वहीं दूसरी समझौते के बाद लेबनान और गाजा सहित सभी मोर्चों पर आक्रामक सैन्य अभियान और बमबारी तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त कर दी गई है। अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकाबंदी और प्रतिबंधों को हटा रहा है, जिससे ईरान वैश्विक स्तर पर अपना तेल बेच सकेगा।
तेल की कीमतों में गिरावट दुनिया भर में स्वागत
एशिया में तेल की कीमतों में गिरावट और बाजारों में तेजी के बीच विश्व नेताओं ने समझौते का स्वागत किया है।एशिया में तेल की कीमतों में गिरावट और बाजारों में तेजी के बीच विश्व नेताओं ने समझौते का स्वागत किया है। ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते पर हमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने इसे “एक बहुत महत्वपूर्ण सफलता” बताया और आशा व्यक्त की कि प्रारंभिक समझौता “स्थायी शांति” की ओर ले जा सकता है जिसे हम सभी देखना चाहते हैं। मिस्र के विदेश मंत्रालय ने भी इस समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में शांति के लिए एक “महत्वपूर्ण मोड़” साबित हो सकता है।इसमें कहा गया है, “मिस्र को उम्मीद है कि यह समझौता आपसी विश्वास को मजबूत करने, सहयोग की नई नींव रखने, शांति के लिए सहायक वातावरण बनाने और शेष क्षेत्रीय मुद्दों को संबोधित करने के उद्देश्य से राजनयिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।” भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी ने समझौते का स्वागत किया है। लेबनान की प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष नबीह बेरी, जो मुख्य रूप से शिया समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले अमल आंदोलन के नेता भी हैं, ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते की सराहना की है और लेबनान को इसमें शामिल करने के लिए दोनों देशों को धन्यवाद दिया है। अमल मूवमेंट के आधिकारिक पेज पर पोस्ट किए गए एक बयान में, बेरी ने “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका और उनके नेतृत्व को लेबनान पर इजरायली आक्रामकता को रोकने के लिए सहमत ज्ञापन में एक मौलिक और बाध्यकारी प्रावधान को शामिल करने के लिए उनके पालन और आग्रह के लिए धन्यवाद और प्रशंसा व्यक्त की”।


