कोरोना काल में पिता पुत्र को थाने में मार डाला था पीट-पीट कर, अदालत ने दो बार दी फांसी की सजाा व भारी जुर्माना
नई दिल्ली। वो घटना वाकई दिल दहला देने वाली थी। पिता पुत्र का कसूर केवल इतना था कि उन्होंने दुकान खोली हुई थी। इसके बाद प तूतीकोरिन ज़िले के सातानुकुलम के व्यापारी जयराज और उनके बेटे बेनिक्स को पुलिस वालों ने उठाकर थाने की जीप में पटक दिया। थाने में उनके साथ वो किया जिसके उनकी मौत हो गयी। उनको बुरी तरह से पीटा गया था। यह घटना 19 जून 2020 की है जब उन्हें हिरासत में लिया गया। उसके बाद तब तक पीटा जब तक पिता पुुत्र की मौत नहीं हो गयी। घटना जब सुूर्खियां बनी तो मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने खुद संज्ञान लेते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी। बाद में यह मामला सीबीआई को सौंप दिया गया्र। सीबीआई की रिपोर्ट में पुलिस वालों का अमानवीय चेहरा सामने आया। सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की. केस की सुनवाई मदुरै की। फ़र्स्ट एडिशनल सेशंस कोर्ट में हुई और सभी अभियुक्तों की ज़मानत याचिकाएं ख़ारिज कर दी गईं। 6 अप्रैल को सज़ा का एलान किया।
सख्त से सख्त सजा मिले
इस मामले को लेकर गंभीर केंद्र सरकार ने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा सज़ा दी जानी चाहिए। इसी तरह तमिलनाडु सरकार ने भी कहा कि दोषियों को ज़्यादा से ज़्यादा सज़ा दी जानी चाहिए।” जज जज मुथुकुमारन ने कहा, ” पुलिस वालों ने निहत्थे पिता पुत्र की हत्या की है। उनकी पृष्ठभूमि के आधार पर उन्हें कम सज़ा नहीं दी जानी चाहिए। वे सभी शिक्षित हैं। पुलिस, जिसका काम जनता की रक्षा करना था, उन्होंने उन पर इस तरह हमला किया जैसे बाड़ ही फसलों को ख़त्म कर दे।” जज ने कहा कि इस कृत्य को देखकर उनका दिल दुखता है, “बेनिक्स की मां के दुख को कोई कम नहीं कर सकता। आरोपी पुलिस वालों के लिए उम्रक़ैद भी काफ़ी नहीं होगी।”
दो बार फांसी दी जाए
जज ने मुख्य दोषी इंस्पेक्टर श्रीधर समेत सभी 9 अभियुक्तों को डबल डेथ सेंटेंस (दो बार फांसी) के अलावा अलग-अलग धाराओं में एक से लेकर सात साल की जेल की सज़ा और कुल 76.38 लाख रुपये का ज़ुर्माना लगाया गया है।


