लेबनान पर इजराल की एयर स्ट्राइक के बाद दिल को दहला देने वाला मंजर आया सामने, चारों ओर लाशें ही लाशें उठाने वाला कोई नहीं
नई दिल्ली। यूएस और ईरान के बीच सीज फायर के बाद भी इजराल की एयर स्ट्राइक के दौरान की गयी भारी बमबारी में मौत ने खुलकर तांडव किया। अब तक तीन सौ लाशें निकाली जा चुकी हैं। हालत यह हो गयी है कि चारों ओर बिखरी पड़ी लाशाें को उठाने वाला कोई नहीं है। इस मंजर से तमाम मानवाधिकार कार्यकर्ता खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि इजरायल से ज्यादा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इसके लिए कसूरवार हैं, जो अपने मित्र इजरायल पर रोक नहीं लगा पा रहे हैं। सीफ फायर के समझौते में लेबनान पर बमबारी ना करना भी शामिल है, लेकिन इजरायल की लेबनान पर बमबारी जारी है। वहीं दूसरी ओर सीज फायर के बाद इजरायल अमेरिका से खासा नाराज है और उसने साफ कर दिया है कि वह इस सीज फायर को नहीं मानेगा, लेकिन इजरायली बमबारी से ईरान नाराज है।
सौ से ज्यादा हमले
सीज फायर से नाराज इजरायल ने लेबनान पर सौ से ज्यादा हमले किए हैं जिसमें तीन सौ नागरिक मारे गए हैं। “100 से अधिक हवाई हमले” किए जाने के बाद लेबनान “खतरनाक तनाव” का सामना कर रहा है। इजरायल की सेना ने कहा कि उसने 2 मार्च को देश में नया सैन्य अभियान शुरू करने के बाद से लेबनान भर में अपना सबसे बड़ा समन्वित हमला किया है। हमलों में बेरूत, बेका घाटी और दक्षिणी लेबनान के क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इजरायल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने कहा कि हमलों में हिज़्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया था। इजरायली सेना ने कहा कि “जिस बुनियादी ढांचे पर हमला हुआ, उसका अधिकांश हिस्सा नागरिक आबादी के बीचोंबीच स्थित था,” और दावा किया कि “निर्दोष व्यक्तियों को होने वाले नुकसान को यथासंभव कम करने के लिए कदम उठाए गए।”
नेतन्याहू की कठोर निंदा
तीन सौ नागरिकों की मौत के बाद दुनिया के तमाम देश इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की कठोर शब्दों में निंदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इजरायली हमले मानवता पर किया गया प्रहार है। इसको कोई भी देश सही ना ठहराए। उन देशों की भी निंदा की जा रही है जो इन हमलों पर चुप बैठे हुए हैं।


