
डोनाल्ड ट्रंप बोले इजरायल को लेबनान पर बमबारी करने से किया गया है मना
नई दिल्ली। दुनिया को जिस अच्छी खबर का युद्ध के बाद से इंतजार था, वह आज ईरान की ओर से आयी है। ईरान की ओर से कहा गया है कि जब तक लेबनान संकट बना हुआ है उसकी ओर से स्ट्रेट होर्मूज खुला रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसका स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने इजरायल से लेबनान पर बमबारी नहीं करने को कहा है। दुनिया के वो तमाम देश जो लेबनान में इजरायल हमले के मुखर विरोधी रहे हैं, उनके लिए भी यह संतोष देने वाली और खासतौर से लेेबनानियों के लिए भी राहत भरी खबर है। दरअसल अमेरिका की अगुवाई में लेबनान व इजरायल के बीच समझौता वार्ता चल रही है। ट्रंप पहले भी कह चुके हैं कि लेबनान पर हमले बंद होने चाहिए। लेबनान पर हमले बंद होने की खबर यह उन दक्षिण पंथियों के लिए झटका है जो कहते हैं कि इजरायल को लेबनान तथा गाजा पर हमले जारी रखने चाहिए। इनमें भारतीय भी शामिल हैं।

फ्रांस व ब्रिटेन ने अमेरिका को किया अलग-थलग
ईरान के खिलाफ लड़ाई के मुखर विरोधी रहे फ्रांस और ब्रिटेन ने स्ट्रेट हाेर्मूज की सुरक्षा के मसले पर अमेरिका को अलग-थलग करने का काम किया है। इतना ही नहीं उन्होंने दुनिया के कई दर्जन देशों को इस अभियान में अपने साथ मिला लिया है। फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय समुद्री बल की योजना को आगे बढ़ाने के लिए दर्जनों देशों को एक साथ ला रहे हैं, लेकिन वाशिंगटन इन चर्चाओं का हिस्सा नहीं है।यह बैठक शुक्रवार को पेरिस के एलिसी राष्ट्रपति भवन में हुई। जिसकी अध्यक्षता फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने की लगभग 30 से 40 देश व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।
इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की बड़ी मौजूदी
इस मौके पर इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की मौजूदगी सबसे ज्यादा सकून देने वाली रही। याद रहे कि मेलोनी दुनिया की वो वाहिद शख्स हैं जो डोनाल्ड ट्रंप कीी आंखों में आंखें डालकर बात करती हैं। इतना ही नहीं वक्त वक्त पर अमेरिका को उसकी औकात भी याद दिलाने से नहीं चूकती हैं। इन दिनों दुनिया के देश इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी को ही अपना बॉस याय कहें विश्व गुरू माने हुए हैं। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ और इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी भी व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे, लेकिन उपस्थित लोगों की पूरी सूची का खुलासा जानबूझ कर नहीं किया गया, बताया जाता है। इसका मकसद स्ट्रेट होर्मूज को समुद्री नौवहन स्वतंत्रता पहल का नाम दिया जाना रहा। यह एक रक्षात्मक मिशन है जिसका उद्देश्य ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध में स्थायी युद्धविराम लागू होने के बाद जलमार्ग के माध्यम से निर्बाध आवागमन को बहाल करना है।
28 फरवरी से बंद
अमेरिका और इज़राइल के बीच 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरान द्वारा नाकाबंदी लागू किए जाने के बाद से स्ट्रेट हाेर्मूज दुनिया के लिए बंद है या फिर उनके लिए खुला है जिसकी इजाजत ईरान देता हे। विश्व के एक-पांचवें तेल का परिवहन आमतौर पर इसी मार्ग से होता है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी लगाकर व्यवधान को और बढ़ा दिया है। हालांकि यूरोपीय नेताओं ने चेतावनी दी कि जारी नाकाबंदी से उपभोक्ताओं को बढ़ती महंगाई, खाद्य पदार्थों की कमी और जेट ईंधन की आपूर्ति कम होने के कारण उड़ानों के रद्द होने का खतरा है। नाकाबंदी में फंसे सैकड़ों जहाजों पर 20,000 से अधिक नाविक फंसे हुए थे।


