ईरान नहीं छोड़गा एटमी प्रोग्राम

Shekhar Sharma
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A gas flare on an oil production platform is seen alongside an Iranian flag in the Gulf July 25, 2005. REUTERS/Raheb Homavandi/File Photo

होर्मूज स्ट्रेज प्रबंधन के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा, तेल गैस के शिप बगैर टोल भाड़े के नहीं देंगे गुजरने

नई दिल्ली/तेहरान। ईरान ने अमेरिका और उसके मित्र देश इजरायल समेत कई अरब मुल्कों को आज बुरी खबर दी है। ईरान ने साफ किया है कि वह परमणु कार्यक्रम नहीं छोड़ने वाला और उसकी वह भारी कीमत चुका भी चुका है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा खामेनेई ने स्पष्ट किया है कि ईरान अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को नहीं छोड़ेगा। तेहरान ने यूरेनियम संवर्धन जारी रखने और अमेरिका/इज़राइल के दबाव के बावजूद रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का संकल्प लिया है। वहीं दूसरी ओर माना जा रहा है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तीन दिन पहले रूस के राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन से मुलाकात के बाद ईरानी तेवरों में एकाएक तेजी और लहजे में सख्ती नजर आ रही है। ईरान का दावा है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है, लेकिन पश्चिमी देशों को इसके परमाणु हथियार विकसित करने का अंदेशा है। राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि ईरान की संप्रभुता को कमजोर करने के गंभीर अंतरराष्ट्रीय परिणाम हो सकते हैं। ईरान का दावा है कि उन्हें इजरायली परमाणु कार्यक्रम की सीक्रेट फाइलें मिल गयी हैं।

अमेरिका से दो कदम आगे

ईरान ने परमाणु क्षमता पर किसी भी प्रकार का समझौता करने से साफ इनकार कर दिया है। यह अमेरिका और इजरायल के लिए बुरी खबर मानी जा रही है। लेकिन ज्यादा बुरी खबर अरब मुल्कों से है जहां यूएई ओपेक देशों के संगठन से अलग हो गया है। इन दोनों घटनाओं के निहितार्थ यदि तलाशें तो मिडिल ईस्ट में ईरान बड़ी ताकत बनकर उभरा है, हालांकि दो राय नहीं कि इसके पीछे चीन और रूस की लड़ाई के दौरान बैकडोर से मिली मदद का बड़ा हाथ है।

स्ट्रेट हाेर्मूज केवल मित्र देशों या कीमत देने वालों के लिए

खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए नए नियम लागू करने की घोषणा की है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। हालांकि ईरान के मित्र देशों के लिए वह खुला रहेगा। साथ ही यह भी बताया है कि बगैर टोल दिए कोई भी शिप स्ट्रेट हाूर्मज से नहीं गुजर सकेगा। ईरान जनता है कि पानी के इस रास्ते को खोलकर वह जितने का तेल बेचेगा उतना ही तेल गैस लेकर गुजरने वाले शिप से कमा सकता है।

यूएस का उत्तर और पुतिन का वादा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि जब तक ईरान परमाणु हथियार बनाने की जिद नहीं छोड़ता, तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी। वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि संकट के समय रूस ईरान के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।

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