बड़ा सवाल जो लाखों करोड़ों परिवार बर्बाद हो जाएंगे सड़क पर आ जाएंगे उनको कौन देगा सहारा
मेरठ। शहर के बड़े व्यापारी नेता विपुल सिंह ने कहा है कि पूरा देश पीएम मोदी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, लेकिन देशहित के साथ लाखों परिवारों की आजीविका की चिंता भी आवश्यक है। उसकी अनदेखी भी नहीं की जा सकती। विपुल सिंहल ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देशहित में दिए गए प्रत्येक संदेश का सर्राफा व्यापारी समाज पूर्ण सम्मान करता है तथा राष्ट्रहित में हर प्रकार का योगदान देने के लिए सदैव तत्पर रहा है।
बर्बाद हो जाएंगे छोटे व्यापारी व कारीगर
विपुल सिंहल का मानना है व्यापारियों को चिंता है यदि देशवासी 1 वर्ष तक सोने की खरीद बंद कर देते हैं, तो इसका सीधा प्रभाव देशभर के लाखों छोटे सर्राफा व्यापारियों, कारीगरों, डिजाइनरों, पॉलिश कर्मचारियों, मजदूरों तथा उनसे जुड़े परिवारों पर पड़ेगा। सोना केवल व्यापार नहीं, बल्कि लाखों मेहनतकश परिवारों की रोज़ी-रोटी का माध्यम है। यदि बाजार पूरी तरह प्रभावित होता है, तो सबसे अधिक संकट गरीब कारीगर और छोटे व्यापारियों के सामने खड़ा होगा।
व्यापारी भी राष्ट्र के साथ
व्यापारी समाज सदैव देश और सरकार के साथ खड़ा रहा है तथा आगे भी राष्ट्रहित में हर संभव सहयोग देगा, लेकिन सरकार से विनम्र निवेदन है कि ऐसा संतुलित समाधान भी निकाला जाए जिससे राष्ट्रहित सुरक्षित रहने के साथ-साथ लाखों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित न हो। देशहित सर्वोपरि है, परंतु रोजगार और मेहनतकश परिवारों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है।
साइड इफैक्ट आंकड़ों के साथ
संभावित प्रभाव के अनुमानित आंकड़ों का उल्लेख करते हुए विपुल सिंहल ने जानकारी दी कि छोटे सर्राफा व्यापारी : 8 से 10 लाख हैं। कारीगर, डिजाइनर एवं मजदूर : 40 से 50 लाख इनकी संख्या है। छोटी दुकानें एवं प्रतिष्ठान : 2.5 से 3 लाख हैं। जो हालात बने हुए हैं उसके चलते प्रभावित परिवार : लगभग 1.5 से 2 करोड़ लोग हैं। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी तथा ऐसा मार्ग निकालेगी जिससे देशहित और रोजगार — दोनों सुरक्षित रह सकें।


