
बगैर टैंट चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठी महिलाएं, कूलर तक नहीं लगा दिया पुलिस वालों ने, टैंट पहले ही दिया हटवा
मेरठ/ आवास विकास परिषद के सैटबैक को लेकर दिए गए नोटिसों के विरोध में सैक्टर दो में धरना दे रही महिलाओं का हौसला मई की आग बरसती हुई धूप भी नहीं तोड़ सकी। हालांकि पुलिस ने निर्ममता दिखाते हुए अपने परिवार के लिए आशियाना बचाने के लिए सिस्टम से जंग लड़ रही इन महिलाओं के सिर से एक दिन पहले टैंट छिन लिया। यह टैंट आसमान से बरस रही आग से बचने के लिए इकलौता सहारा था, लेकिन इसको हटवा दिया गया। आज सुबह महिलाएं उसी जगह फिर पहुंची जहां उन्होंने टैंट लगाया था और धरने पर बैठ गयीं। पुलिस प्रशासन को उम्मीद नहीं थी कि सिर पर टैंट की छाया ना की परवाह ना करते हुए महिलाएं धरना देने की हिम्मत जुटाएंगी, लेकिन उन्होंने बगैर टैंट के धरना शुरू कर साबित कर दिया कि महिला अपने परिवार के लिए कुछ भी कर सकती हैं किसी भी मुसीबत का सामना कर सकती हैं, यह धूप क्या चीज है। जैसे ही महिलाओं के धरना शुरू करने की खबर मिली तो वहां तुरंत पुलिस वालियां पहुंच गयीं। काफी देर तक बहस होती रही, लेकिन धरने पर बैठी महिलाओं ने बता दिया कि सिस्टम भले ही कितने ही जुल्म कर ले, लेकिन उनका हौसला टूटने वाला नहीं।
कूलर तक नहीं लगाने दिए
धरने पर बैठी महिलाओं ने गर्मी से बचने के लिए अपने घरों से कूलर मंगा लिए, लेकिन पुलिस वालियों ने उनके कूलर तक हटवा दिए। धरने पर बैठीं महिलाओं ने बताया कि जो पुलिस वाले पहुंचे थे उन्होंने बताया कि उनके अफसरों ने हिदायद दी है कि धरना देने वालों को किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाए। महिलाओं ने बताया कि पुलिस का रवैया देखकर उन्होंने बगैर कूलर ही धरना शुरू करा दिया। वो पूरी दोपहरी चिलचिलाती धूप में धरने पर बैठी रहीं। आज अन्य दिनों के मुकाबले धरने पर बैठी महिलाओं से हमदर्दी दिखाने वालों की संख्या अधिक रही। कई दूसरे संगठनों से लोग भी महिलाओं की हमदर्दी में उनकी हौसला अफजाई के लिए पहुंचे थे। तमाम लोगों ने पुलिस प्रशासन के रवैये की कटू आलोचना की है।
सैक्टर तीन व चार में नहीं पहुंची जेसीबी
सैक्टर तीन व चार में जेसीबी लेकर आने का दावा करने वाले आवास विकास परिषद के अफसर आज नजर नहीं आए। वहीं दूसरी ओर सैक्टर तीन चौराहे पर महिलाओं का धरना पूर्ववत जारी रहा। बीते शनिवार को आवास विकास परिषद के कुछ कर्मचारी धरना स्थल पर पहुंचे थे। महिलाओं ने बताया कि वो लोग सोमवार को जेसीबी मशीन लाकर मकानों में तोड़फोड़ करने की बात कर रहे थे। हालांकि तब उनसे कह दिया था कि यदि किसी भी मकान को छुआ तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। उल्लेखनीय है आवास विकास परिषद ने आठ सौ से ज्यादा मकानों पर सैटबैक के नाम पर नोटिस चस्पा किए हैं। इन नोटिसों में सभी प्रकार के मकानों चाहे वो छोटे या बड़े आगे पीछे सैटबैक छोड़े जाने का फरमान जारी किया गया है। लोग अपने मकानों में सैटबैक का विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि तीस से चालिस साल हो गए हैं इन मकानों में रहते हुए आवास विकास परिषद के अफसरों को अब कहीं जाकर सैटबैक का ख्याल आया है। वो किसी भी कीमत पर अपने मकानों में किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं करने देंगे।
डा. वाजपेयी से मांगी मदद
सोमवार की शाम को जब धरना निपट गया उसक बाद तमाम महिलाएं एकत्र होकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राज्यसभा सांसद डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी से मिलने उनके मोहनपुरी स्थित आवास पर पहुंची। महिलाओं का कहना है कि डा. वाजपेयी से उम्मीद है कि वो जरूर उनकी मदद करेंगे। महिलाओं का कहना है कि जहां से भी उन्हें मदद की उम्मीद की एक भी किरन नजर आएगी वो वहां जरूर जाएंगी।


