कई उड़ानें पूरी तरह से बंद, नौकरी जाने से डर से एयर इंडिया के स्टाफ में अफरा-तफरी का माहौल
नई दिल्ली। भारती की बड़ी एयरलाइंस एयर इंडिया भी महंगाई से त्राहि-त्राहि कर उठा है। लोगों ने शायद विदेश दौरे कम कर दिया और रही सही कसर ईंधन के महंगे होने से पूरी कर दी है। इन दो फक्टर्स के चलते एयर इंडिया ने अपनी इंटरनेशनल और घरेलू उड़ानों में कटौती का एलान किया है। परिचालन लागत बढ़ने से एयरलाइन को 1 जून से आगामी 90 दिनों के लिए घरेलू उड़ानों में 15% और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती करनी पड़ रही है। विमानन कंपनी ने अगस्त 2026 के बीच अपने कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानें कम करने का फैसला किया है। हालांकि विमानन कंपनी ने सफाई दी है कि यह कुछ समय के लिए है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी। एयरलाइन का कहना है कि यह फैसला ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों की वजह से लेना पड़ा है। माना जा रहा है कि इस फैसले के चलते एयर इंडिया स्टाफ में बड़ी छंटनी भी कर सकती है। इसको लेकर स्टाफ में अफरा-तफरी मची है।
घरेलू रूट्स पर क्या-क्या बदला
- दिल्ली–मुंबई: 176 से 165 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–कोलकाता: 42 से 30 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–गोवा (डाबोलिम/मोपा): उड़ानों में भारी कटौती
- दिल्ली–बेंगलुरु: 116 से 113 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–कोलकाता: 70 से 63 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–बेंगलुरु: 91 से 84 साप्ताहिक उड़ानें
- मुंबई–हैदराबाद: 63 से 59 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–इंदौर: 21 से 14 साप्ताहिक उड़ानें
- बेंगलुरु–चंडीगढ़: 14 से 7 साप्ताहिक उड़ानें
- दिल्ली–काठमांडू: 42 से 28, फिर 21 साप्ताहिक उड़ानें
पहले ही हो चुका था बड़ा कटौती
यह घरेलू कटौती उस बड़े फैसले के बाद आई है जो एयर इंडिया ने पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर लिया था। दिल्ली से शंघाई की उड़ान पूरी तरह रोक दी गयी हैं। दिल्ली-सिंगापुर 24 साप्ताहिक में कटौती 14, मुंबई-सिंगापुर 14 से 7, दिल्ली-बैंकॉक 28 से 21, दिल्ली-कुआलालंपुर 10 से 5, दिल्ली-पेरिस रोजाना दो से घटकर एक उड़ान, और दिल्ली-शिकागो पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लंदन, फ्रैंकफर्ट, न्यूयॉर्क जैसे लंबे रूट्स पर भी 15 से 30 फीसद तक की कटौती की गई है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली से काठमांडू की उड़ानें जून में 42 साप्ताहिक से घटकर 28 और जुलाई-अगस्त में 21 साप्ताहिक हो जाएंगी। एयरलाइन का कहना है कि इन सब बदलावों के बावजूद वह हर महीने 1,200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय उड़ानें जारी रखेगी और पांच महाद्वीपों से जुड़ी रहेगी।


