
ईरान और अमेरिका एक बार फिर आमने सामने, दोनों ने भीषण लड़ाई का किया है एलान, ट्रंप का दावा भयंकर होगी लड़ाई
नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका में बिगड़ते-बिगड़ते बात बन गयी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौर के बाद शांति बहाली की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों पक्षों ने हालिया सीधी सैन्य झड़पों के बाद एक अनंतिम युद्ध-विराम (ceasefire) कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते (peace deal) के करीब पहुँचने का दावा किया है। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने ईरान पर लगातार तीसरे दिन के हमलों को रद्द कर दिया है, यह दावा करते हुए कि तेहरान के साथ समझौता तय है। और किसी भी समय उस पर साइन होने जा रहे हैं। इससे पहले ईरान और यूएस ने एक दूसरे पर हमले जारी रखते हुए थे। तीन दिन तक दोनों ने एक दूसरे के ठिकानों पर मौत बरसायी। हालांकि जो हालात बने हुए हैं उसके लिए दुनिया के तमाम देश और खुद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इजरायल को कसूरवार मान रहे हैं। दरअसल ईरान ने शांति समझौते की प्रमुख शर्त लेबनान पर बमबारी रोकने की रखी थी। ट्रंप के बार-बार आग्रह करने के बाद भी इजरायल ने लेबनान पर बमबारी नहीं रोकी जिसके बाद हालात और भी ज्यादा खराब हो गए और अब किसी भी वक्त भीषण लड़ाई छिड़ने की आशंका जतायी जा रही थी। इस बीच एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन के प्रस्ताव पर देश के शीर्ष नेताओं द्वारा “विचार किया जा रहा है”, जिसके परिणामस्वरूप हस्ताक्षर हो सकते हैं, लेकिन समय अभी अनिश्चित है। गुरुवार को ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने ईरान पर लगातार दूसरे दिन हुए अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए। आईआरजीसी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देने का भी ऐलान कर दिया था। इससे पूरी दुनिया में बेचैनी देखी जा रही थी।
कड़े प्रहार का किया था दावा
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का कहना था कि संयुक्त राज्य अमेरिका आज रात ईरान पर “बहुत कड़ा प्रहार” करेगा, और साथ ही यह भी कहा कि वाशिंगटन ईरान के खार्ग द्वीप और अन्य तेल अवसंरचना स्थलों पर कब्जा कर लेगा। हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने देश पर अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा है कि इससे युद्धविराम “व्यावहारिक रूप से अर्थहीन” हो गया है।
ईरान का कुवैत पर बड़ा हमला
लेबनान पर इजरायल के हमलों से नाराज ईरानी रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के मित्र देशों पर मिसाइलों से भारी हमले किए। कुवैत पर एक बड़ा हमला ईरान ने बोला है।इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं पर जवाबी हमले किए। इतना ही नहीं आईआरजीसी ने स्ट्रेट होर्मूज को सभसी जहाजों के लिए पूरी तरह से बंद कर दिए जाने का एलान किया है। ईरान के इस कदम से दुनिया के तमाम देशों में महंगाई बढ़ने और ईंधन की किल्लत होना तय माना जा रहा है।
यहां हुए हैं हमले
ईरानी मीडिया ने बंदर अब्बास बंदरगाह शहर, केशम द्वीप और तेहरान के पश्चिम में स्थित सिरिक, मीनाब और कराज सहित कई स्थानों पर हमलों की सूचना दी है। वहीं दूसरी ओर ईरान ने हमलों का करारा जवाब भी दिया है। इससे पहले ईरान ने इजरायल में कई स्थानों पर मिसाइलों की बारिश की है।
ईरान के तेल ठिकानों पर कब्जे की चेतावनी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका “बहुत कड़ा प्रहार” करेगा, और कहा कि सेना “खर्ग द्वीप” और ईरान के अन्य “तेल ठिकानों” पर निकट भविष्य में कब्जा कर लेगी। गुरुवार को ट्रुथ सोशल पोस्ट में दी गई। ये धमकियां अमेरिका और ईरान के बीच दो दिन से चल रही लड़ाई के बाद आयी है। लेकिन अब दोनों पक्ष बातचीत के लिए फिर से एक दूसरे के सामने हैं।


