सौम्य सागर जी महाराज के प्रवचन

Shekhar Sharma
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अभिषेक और देव दर्शन से मिलता है स्वाध्याय का टाॅनिक, जरूर करें देव दर्शन व अभिषेक

मेरठ। सदर स्थित जैन मंदिर में आचार्य श्रीविद्यासागर जी महाराज के शिष्य गुरुवर सौम्य सागर महाराज ने प्रवचन किया। उन्होंने अपने प्रवचन मे आने वाली नई पीढ़ी के धार्मिक संस्कारो पर विशेष फोकस किया तथा एक बेटे का उदाहरण दिया। महाराज श्री ने बताया कि उनके पास एक बेटा आया और वह कहने लगा मैं अपने पिता का उपकार जिंदगी भर नहीं भूल सकता। जब उससे पूछा कि ऐसा क्यों, क्या सारी प्रापर्टीज तुम्हारे नाम लिख दी। उसने कहा नही मुझे रोजाना सुबह ही मंदिर मे जाने के लिए प्रेरित किया। वो कहते कि अभिषेक करने जाना है देव दर्शन करने है, अगर नहीं उठता तो एक बाल्टी पानी भरकर भरकर मुझ पर डाल देते थे। वास्तव मे अभिषेक करके मुझे जो आत्मिक ऑक्सीजन मिलती है, वह अनमोल है, जिससे मन शात रहता है। हम स्वाध्यायशील बने, हर पिता यह चाहता है कि उसका बेटा आकाश की ऊंचाईयो को छुए। स्वाध्याय वह टानिक है जो हमारे मन व चित्त तथा भावनाओ को निर्मल निशंक बनाता है, गुरुवर सौम्य सागर महाराज ने अपने प्रवचन में एआई के बारे में भी काफी विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि एक इंटरव्यू मे सवाल पूछा गया की बैल दूध देता है क्या। एआई ने पूछा कि पहले फोटो दिखाओ और फिर जवाब था कि दे भी सकता है और नहीं भी। हम अपने आत्मिक ज्ञान को स्वंय डवलप करे, हमे नियम बाधता है या आजाद करता है नियम बंधन होता है। संकल्प से बंधकर ही हम अपने मन के सारे विकल्प व द्वदों, को शांत कर सकते हैं।

रानी मिल जैन मन्दिर दिल्ली पहुंचेंगे

जैन समाज के प्रवक्ता श्री सुनील जैन ने बताया कि कल सुबह 6 बजे मुनिराज सौम्य सागर जी महाराज व निश्चय सागर जी महाराज सदर जैन मन्दिर से कैंट की और से होते हुए आनंदपुरी जैन मंदिर के दर्शन करते हुए रानी मिल जैन मन्दिर दिल्ली रोड पहुंचेंगे।

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