जलाभिषेक के लिए तैयार है काली पलटन

Shekhar Sharma
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मंदिर क्षेत्र सेना और एटीएस के हवाले, आर्मी इंटेलीजेंस यूनिट भी सक्रिय, पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने लिया सुरक्षा इंतजामों का जायजा

मेरठ। काला पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर जलाभिषेक के लिए तैयार है। जलाभिषेक को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पूरा मंदिर क्षेत्र सेना के कब्जे में है। सेना के अलावा यदि नागरिक प्रशासन की बात करें तो मंदिर क्षेत्र एटीएस को सौंपी गयी है। छावनी के सरकुलर रोड पंजाब सैंटर स्कूल चौराहे पर एटीएस की यूनिट मुस्तैद है। वहीं दूसरी ओर सेना ने छावनी के सिविलियन इलाकों से सटे तमाम पाइंटों पर अपने कैंप बनाए हुए हैं। इसके अलावा कैंट के कुछ ऐसे भी इलाके हैं जहां से नागरिकों की आवाजाही को फिलहाल रोक दिया गया है। कांवड़ियों से आग्रह किया गया है कि यात्रा मार्ग के लिए जो रास्ता निर्धारित किया गया है, उसी से आवाजाही रखें। वैसे जहां तक कांवड़ियों की बात है तो वो रुड़की रोड से काली पलटन मंदिर मार्ग पहुंचने के लिए जीरो माइल्स चौराहे से वाया चांट बाजार, हनुमान चौक व सरकुल रोड होते हुए काली पलटन मंदिर पहुंच रहे हैं। हनुमान चौक पर भी सेना की यूनिट कैंप कर रही है। छावनी के रेस रोड स्थित काली पलटन मंदिर पर एटीएस और पुलिस व आरएएफ के साथ सेना के जवान भी मुस्तैद नजर आ रहे हैं। सेना ने अपनी सुरक्षा का अतिरिक्त इंतजाम काली पलटन पर किया हुआ है।

कांवड़ियों ने डाला डेरा

जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों ने काली पलटन के आसपास डेरा डाल दिया है। यहाँ स्थापित शिवलिंग को स्वयंभू (स्वयं प्रकट) माना जाता है, जहाँ दूर-दूर से भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं। जलाभिषेक करने वाले कांवड़ियां मंदिर के आसपास खुले आसमान के नीचे मौजूद हैं। हालांकि शिवाजी कालोनी रेस राेड के बाहर लोगों से सेवा कैंप लगाए हुए हैं, लेकिन मुहूर्त शुरू होते ही पहले जलाभिषेक करने की जल्दी के चलते कांवड़िया शिवाजी रोड वाले कैंपों के बजाए खुले आसमान के नीचे सेना के अफसरों की कालोनी मल्होत्रा एन्क्लेब के बाहर डेरा डाले हैं मंदिर समित के के अध्यक्ष सतीश सिंहल ने बताया कि 10 और 11 अगस्त को मंदिर पूरी रात खुला रहेगा। श्रद्धालु लगातार बाबा का जलाभिषेक कर दर्शन कर सकेंगे। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इसके अलावा थाना सदर बाजार के पीछे स्थित शिव की सिद्ध पीठ माने जाने वाले बाबा बिलेश्वरनाथ मंदिर में सुबह 5 बजे से कपाट खुल जाएंगे और कांवड़ का जल सुबह 8:30 बजे से शुरू होगा।

ये हैं इंतजाम

औघड़नाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल ने बताया कि मंदिर के सामने पुलिस कैंप बनाया गया है। यहां खोया-पाया केंद्र, चिकित्सा शिविर समेत अन्य सुविधाओं का भी इंतज़ाम किया गया । मंदिर के प्रथम तल पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के लिए पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। समिति की ओर से निशुल्क जूता-घर, पेयजल और जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए गरुड़ द्वार और निकास के लिए नंदी द्वार निर्धारित किया गया है। मंदिर से करीब 100 मीटर की दूरी पर दर्शन अकादमी पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रीऔघड़नाथ मंदिर और बेगमबाग स्थित शिव मंदिर के बाहर विशेष काउंटर लगाकर गंगाजल की बिक्री की जाएगी।

डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 250 मिलीलीटर गंगाजल की बोतल की कीमत 30 रुपए रखी गई है। यह गंगाजल गंगोत्री और ऋषिकेश से लाकर पैक किया गया है। पारदर्शी बोतल में उपलब्ध गंगाजल श्रद्धालु मंदिर में भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए खरीद सकेंगे।

वामन भगवान मंदिर में दूधिया अभिषेक

सदर गंज बाजार स्थित श्री वामन भगवान मंदिर परिसर में भी 11 अगस्त को श्रावण मास की शिवरात्रि के अवसर पर दूधिया प्रसाद अभिषेक और महाआरती का आयोजन होगा। मंदिर समिति के कार्यकारिणी सदस्य अंकित गुप्ता मनु ने बताया कि दूधिया अभिषेक दोपहर 12:15 बजे और दूधिया प्रसाद वितरण दोपहर 12:45 बजे किया जाएगा।

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