सहारनपुर में ऑनलाइन घुस लेते हुए सस्पेंड हुए टीजी2 को बचाने का प्रयास कर रहा है एक उच्च अधिकारी, मेरठ में भी एक ड्राफ्ट्समैन के उत्पीडन से उपभोक्ता परेशान
मेरठ/सहारनपुर। पीवीवीएनएल में अब ऑनलाइन रिश्वत की सहूलियत उपभोक्ताओं को कुछ भ्रष्ट अफसर मुहैय्या कर रहे हैं। हालांकि इन पर कार्रवाई भी की जाती है, लेकिन जिन उपभोक्ताओं की शिकायत पर ऑन लाइन रिश्वत जैसे मामलों में स्टाफ पर कार्रवाई की जाती है बाद में वो उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बन जाते हैं। इतना ही नहीं महकमे के अफसर भी ऐसे रिश्वतखोरों को बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। सूबे के सीएम भले ही सिस्टम को भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के लिए दिन रात एक कर रहे हों, लेकिन इसके बाद भी रिश्वत जैसे गंभीर मामले में सस्पेंड किए गए कर्मचारी को बचाने से ऊर्जा भवन यानि पीवीवीएनएल मुख्यालय में तैनात एक अफसर बाज नहीं आ रहे हैं। अब इस मामले की शिकायत बिजिलेंस से की जाएगी ताकि अफसर के कृत्य पर नजर रखी जा सके।
यह है पूरा मामला
विद्युत वितरण खंड बलिया खेड़ी सहारनपुर के टीजी 2 बसंत कुमार ने उपभोक्ता से कनेक्शन दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ₹40000 घुस ली थी जिसके सबूत के तौर उपभोक्ता अमित पंवार ने आईजीआरएस पोर्टल पर भुगतान के स्क्रीनशॉट को अपलोड कर दिया। मामला सामने आने पर व उपभोक्ता द्वारा शिकायत करने के बाद बसंत कुमार को सस्पेंड कर दिया गया।
कौन है वो जो बचा रहा है
अब उपभोक्ता का आरोप है कि सहारनपुर का एक उच्च अधिकारी जांच को प्रभावित कर निलंबित टीजी2 को बचाने का प्रयास कर रहा है इसी प्रकार मेरठ की एक डिवीजन में तैनात टीजी2 (ड्राफ्ट्समेन) जिसका नाम **देव है वह अपने एक्सईएन के लिए दलाली कर रहा है और हर कॉलोनी में ₹500 केवीए की घूस वसूल रहा है पूर्व में इस ड्राफ्ट्समैन का डिवीजन से तबादला कर दिया गया था लेकिन एक्शन ने पूर्व चीफ से इसका पुन: अपने डिवीजन में स्थानांतरण करा लिया ताकि पैसे के लिए उपभोक्ता से दलाली की जा सके, करीब पिछले 10 साल से ये ड्राफ्ट्समैन एक ही डिविजन में तैनात है इसकी शिकायत अध्यक्ष और एमडी से की जाएगी।


