सदर जगन्नाथ स्वामी मंदिर में कुर्की

Shekhar Sharma
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भारी पुलिस बल को लेकर पहुंचे रिसीवर रवि प्रजापति, मंदिर पर लिया कब्जा, मंदिर के दो कमरों में सीलिंग, दान पात्र भी कब्जे में

मेरठ। सदर स्थित प्राचीन व एतिहासिक प्रसिद्ध जगन्नाथ स्वामी मंदिर में आज ACM सदर न्यायालय के आदेश के बाद कुर्की की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के तहत ACM सदर द्वारा अपॉइंटेड रिसीवर रवि प्रजापति ने SHO सदर बाजार और भारी पुलिस बल के साथ मंदिर पर अपना कब्जा लिया। साथी मंदिर में मौजूद कमेटी के कमरे, रथ खाना, वह मंदिर के अन्य दो कमरों पर भी सीलिंग की कार्रवाई की। इसके साथ ही मंदिर में मौजूद दान पात्र के रुपयों को भी रिसीवर ने अपने कब्जे में लिया।

दो सालों से चला आ रहा है विवाद

गौरतलब है कि जगन्नाथ मंदिर सदर मेरठ को लेकर लगभग 2 वर्षों से मंदिर की समिति ,ट्रस्ट और पुजारी पक्ष के बीच विवाद चलता आ रहा है इसी के चलते एसीएम सदर के न्यायालय से 17 मार्च को आदेश पारित हुआ कि पुलिस रिपोर्ट के बाद विवादित मंदिर पर कब्जे को लेकर मंदिर की समितियां, तथा पुजारी पक्ष में कभी भी कोई अप्रिय घटना घटित होकर शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। जिसके चलते विवादित मंदिर को धारा 146 एक दंड प्रक्रिया संहिता के तहत कुर्क किया जाता है। आदेश में यह भी लिखा है कि तहसीलदार मेरठ एवं प्रभारी निरीक्षक थाना अध्यक्ष थाना सदर बाजार मेरठ को प्राधिकृत किया जाता है। आदेश में स्पष्ट तौर पर लिखा गया है कि जगन्नाथ मंदिर का कब्जा लेकर कुर्क करें तथा मंदिर की देखभाल रखरखाव एवं कुर्कशुदा उक्त मंदिर को सुपुर्दगी में तब तक के लिए ले जब तक इस न्यायालय द्वारा वास्तविक कब्जे का अवधारण ना कर दिया जाए अथवा पक्षकारों के अधिकारों का या कब्जे के दावे काअब धारण करने वाली सक्षम न्यायालय की डिकी एवं आदेश प्राप्त न हो जाए।

रथयात्रा में भी हुआ था विवाद

सदर बाजार पुलिस द्वारा भी रिपोर्ट भेजी गई थी जिसमें साफ तौर पर लिखा गया था कि जगन्नाथ मंदिर में समिति तथा पुजारी पक्ष में कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है तथा गत वर्ष 2025 में भी भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथ यात्रा को लेकर विवाद हुआ था तथा बलदेव छठ के आयोजन को लेकर भी दोनों पक्षों में विवाद हुआ था और शांति व्यवस्था भंग होने की समस्या उत्पन्न हो गई थी। ऐसे में प्रबल संभावना शांति व्यवस्था भंग होने की है जिसके चलते आगामी त्योहारों एवं मंदिर के प्रबंधन को लेकर कुर्क कर लिया जाए।

इसके बाद मंदिर के हेल्पर गणेश शर्मा और पुजारी विष्णु दत्त शर्मा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक रित दायर की और स्टे मांगा। जहाँ सुनवाई के बाद कोर्ट ने स्टे और पुजारी पक्ष की रिट की रिट को खारिज कर दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर लिखा कि पुजारी विष्णु दत्त शर्मा ,गणेश दत्त शर्मा के जगन्नाथ मंदिर पर कोई निजी अधिकार या कानूनी अधिकार प्रबंधन के लिए नहीं है। साथी यह भी लिखा की 2016 में एक ट्रस्ट भी मंदिर के लिए बनाई गई थी। कोट ने अपने आदेश में कहां की निचली अदालत में चल रहे मुकदमों में ही अपनी सुनवाई कराए।

वही भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा की ओर से पूरे प्रकरण को लेकर कहा गया की मंदिर के प्रबंधन को लेकर भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट एवं भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के बीच विवाद था। इसी बीच पुजारी और उसके परिवार में एक निजी ट्रस्ट बनाकर मंदिर पर कब्जा करने का प्रयास किया जिसके चलते यह पूरा विवाद हुआ। क्योंकि इस समय विवाद ज्यादा है ऐसे में एसीएम सदर न्यायालय के रिसीवर बनाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं इसी में मंदिर और समाज की भलाई है ।

कोर्ट के फैसले का स्वागत

वही वही भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष विजय गोयल की ओर से बयान दिया गया कि पुजारी और उसके परिवार की नियत मंदिर को हटाने की थी यह लोग मंदिर को रात भर खोल कर रखते थे और अपना निजी कार्यालय चला रहे थे और अपने घर की तरह इस्तेमाल करते थे जो कि किसी भी दशा में समाज को मंजूर नहीं था कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं।

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