धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को सात दिन की मियाद तय, इस्तीफा नहीं तो दोबारा प्रदर्शन, बोले यह तो टेलर है पिक्चर अभी बाकि है
नई दिल्ली। घरों से निकलकर बड़ी संख्या में कॉकरोच आज जंतर-मंतर पर नजर आए। सुबह जिस तरह का माहौल था उससे नहीं लग रहा था कि कॉकरोच जुट जाएंगे, लेकिन जैसे जैसे दिन चढ़ना शुरू हुआ कॉकरोच भी घरों से निकलने शुरू हो गए और सीधे जंतर मंतर का रूख किया। कॉकरोच संस्थापक अभिजीत दीपके फ्लाइट से उतरकर सीधे जंतर मंतर पहुंचे थे। हालांकि एयरपोर्ट पर दो हजार के करीब कॉकरोच जमा हुए थे। अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर पहुंचकर कहा, “पिछले 5, 10 दिन से लोग मुझसे सवाल कर रहे थे कि सोशल मीडिया पर पेज चलाकर क्या होगा. उन लोगों को कैमरा घुमाकर ये दिखा दीजिए कि जंतर-मंतर पर कितने कॉकरोच घर से बाहर निकल कर आएं हैं।” विरोध प्रदर्शन में दुनिया के जाने माने पर्यावरणविद सोनम वॉगचुक का शामिल होना बड़ी बात मानी जा रही है।
हिन्दू मुसलमान नहीं
उन्होंने दावा किया, “महज़ एक-दो दिन में हमारे साथ लाखों स्टूडेंट्स होंगे. ये कॉकरोच जनता पार्टी कोई प्लान की हुई पार्टी नहीं है। हर एक स्टूडेंट की आवाज़ है, जो सरकार से नाराज़ है।” उन्होंने कहा, “10-12 साल से इन लोगों ने हमें हिंदू- मुसलमान की राजनीति में फँसा कर रखा, इससे किसे फ़ायदा हुआ? क्या हिंदू-मुसलमान करने से देश में किसी को भी नौकरियां मिलीं?”
डर रही थी मेरी मां
दीपके ने कहा, ”मेरी मां को बहुत डर था कि मुझे ये सरकार जेल में डाल देगी. इस देश में उस हर मां को ये डर होता है जब उनका बच्चा इस सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाता है. कब तक हम इस सरकार से डर कर जिएंगे?” “इस देश में जो भी बच्चा, स्टूडेंट, युवा… राजनीति के ऊपर और इस सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा तो उसकी मां को डर लगता है कि मेरे बेटे को कहीं ये अंदर न डाल दें। कब तक हम ऐसे डर में जिएंगे, एक बार इनको बता दो कि इनकी डर की राजनीति से हम अब नहीं डरने वाले हैं।”
”आज का प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर था”
प्रदर्शन ख़त्म होने के बाद अभिजीत दीपके ने अपने एक्स पर कहा कि ”आज का प्रदर्शन तो सिर्फ़ एक ट्रेलर था।” पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफ़ा देने के लिए सात दिनों का समय दे रही है, अगर ऐसा नहीं हुआ तो दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। “आज जंतर-मंतर पर हज़ारों लोगों की भीड़ जुटने के बाद भी सरकार की ओर से और धर्मेंद्र प्रधान की तरफ़ से इस्तीफ़े को लेकर कोई ख़बर नहीं आई है। उन्होंने एक्स पर लिखा, अपने माता-पिता से मिलने घर जा रहा हूँ, उनसे आख़िरी बार मिले हुए एक साल से ज़्यादा हो गया है. पिछले 15 दिनों में उन्हें बहुत तकलीफ़ हुई है और धमकियों की वजह से उन्हें घर छोड़ना पड़ा. उन्हें वापस घर ले जाऊँगा।


