शास्त्रीनगर सैक्टर दो में धरने पर बैठीं महिलाओं ने किया बुद्धिशुद्धि हवन, सरकार को नींद से जगाने का प्रयास
मेरठ। आवास विकास परिषद के सैटबैक के नोटिसों के खिलाफ धरना दे रही महिलाओं ने आज सरकार और लोकेश खुराना की बुद्धिशुद्धि के लिए यज्ञ किया। महिलाओं ने कहा कि सरकार नींद से जागे। जिन परिवारों को नोटिस दिए गए हैं उनके आशियाने के छिन जाने की नौबत आ गयी है। महिलाओं ने बेहद सख्त लहजे में दृढ होकर कहा कि किसी भी कीमत पर अपना आशियाना छूने नहीं देंगी। अफसर इस बात को अच्छी तरह से सोच लें। महिलाओं ने कहा कि हम अपने मकान को बचाने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। हवन के बाद महिलाओं ने बताया कि हम अपनी सोई हुई सरकार को जगाने का प्रयास कर रहें हैं, ताकि वह हमारी परेशानी में संज्ञान लें और हमारे मकान जो आज उजड़ने के कगार पर हैं उनको बचसाने के लिए कोई निर्णय ले।
ईश्वर पर भरोसा
महिलाओं का कहना है कि उन्हें ईश्वर पर भरोसा है। बीते दिन भी धरने की शुरुआत हनुमान चालीसा के पाठ से करने के बाद राम नाम की माला का जाप किया था। जहां वह एक और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रही है तो वहीं भगवान से भी लगातार प्रार्थना कर रही है कि उनके मकान सेटबैक के तहत टूटने से बच जाए। क्योंकि उनका कहना है कि अगर इन छोटे-छोटे मकान में भी वह सेटबैक छोड़ देंगे तो वह फिर इसमें अपने परिवार के साथ रह नहीं पाएंगे।
सैक्टर चार में भी प्रदर्शन जारी
आवास विकास के सैटबैक नोटिसों के खिलाफ सैक्टर तीन व चार की महिलाएं भी धरना प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन सिस्टम को उनकी परेशानी नजर नहीं आ रही है। महिलाओं का कहना है कि वो कुछ ज्यादा नहीं मांग रही हैं। केवल अपना आशियाना बचाने की जंग लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि जिन अफसरों ने ये मकान बनवाए हैं जब उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है तो उनके मकानों को क्यों छेड़ा जा रहा है।
मंत्री के रहेंगे साथ
इस बीच बताया गया है कि सैक्टर दो में दो फाड हो गए हैं। कुछ लोगों ने कह दिया है कि मकान रहे या जाए लेकिन वो राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार का साथ नहीं छोड़ेंगे। ऐसे लोगों के रवैये की वजह से ही यह आंदोलन अब तक कमजोर रहा है। इस आंदोनल से जुड़े लोगों का कहना है कि ये लोग विभिषण हैं और आंदोनल को कमजोर किया है।


