

सीएम ग्रिड योजना के काम में लगातार हो रही देरी को लेकर कमिश्नर भी लगा चुके हैं फटकार, अफसराें पर ठेकेदार पर गंभीर आरोप
मेरठ। सीएम ग्रिड योजना के तहत महानगर में कराए जा रहे कार्य अपने डेड लाइन तक पूरे हो सकेंगे इसका कोई आसार नजर नहीं आ रहा है। ‘सीएम ग्रिड’ योजना के तहत चल रहे अधूरे निर्माण कार्य और लापरवाही नागरिकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गए हैं। यहां तक कि गढ़ रोड गांधी आश्रम से लेकर तेजगढ़ी चौराहे तक का कार्य भी अभी अधूरा पड़ा हुआ है। महानगर में सीएम ग्रिड के तहत कार्यों के शुभारंभ का काम इसी स्थान से शुरू कराया गया था। महानगर के लोगों ने नगर निगम प्रशासन जो सीएम ग्रिड कार्य का नोडल अफसर भी है वादा किया था कि जून 2926 में काम पूरा करा दिया जाएगा, लेकिन जो आसार नजर आ रहे हैं उससे लगता है कि 2026 के बाद भी काम लटका रहेगा। इस योजना का प्रमुख प्रोजेक्ट गांधी आश्रम से तेजगढ़ी तक गढ़ रोड (2.15 किमी) का नवीनीकरण है, जिसे राज्य की पहली ‘स्मार्ट’ और ‘हरित’ सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह मुख्य कार्य गढ़ रोड गांधी आश्रम से लेकर तेजगढ़ी चौराहे तक होना है। इसके अलावा दिल्ली रोड से सटी शारदा रोड (1.3 किमी) और गोलघर क्षेत्र सहित अन्य सड़कों का काम भी चरणों में शुरू किया गया है। आधिकारिक घोषणाओं के अनुसार इस पहले प्रोजेक्ट को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, कुछ जगहों पर निर्माण कार्य तय समय से धीमे चल रहे हैं। इन सड़कों पर फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, ग्रीन ज़ोन, ईवी चार्जिंग स्टेशन, अंडरग्राउंड यूटिलिटी (जैसे सीवर, गैस पाइप लाइन और केबल) और बेहतरीन स्ट्रीट लाइट की सुविधा होगी। इससे पहले इस कार्य की डेड लाइन 2025 दिसंबर माह तय की गयी थी।
ठेकेदारक दी गयी थी ब्लैकलिस्ट की चेतावनी
यूरिडा की लखनऊ से आयी टीम सीएम ग्रिड के कामों का कई बार जायजा ले चुकी है। प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी को लेकर नाराजगी जतायी जा चुकी है। इसी साल बीते मार्च माह में नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था के ठेकेदार को मई 2026 तक कार्य पूरा ना किए जाने पर भारी जुर्माना और अर्थ दंड़ की चेतावनी दी थी, लेकिन उसके बाद भी काम आज तक लटका हुआ है। मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह का कहना है कि योजना की सड़क अर्बन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट एजेंसी की निगरानी में किया जा रहा है। आई आई टी रुड़की और स्थानीय समिति की निगरानी में हो रहा है। फिर भी निर्माण कार्य की शिकायत पर इसे चेक कराया जाएगा।
भाजपाइयों ने किया हंगामा
सीएम ग्रिड योजना के तहत गढ़ रोड शास्त्रीनगर इलाके में चल रहे कार्य की वजह से बीती रात एक शख्स की गाड़ी डिवाइडर से टकरायी गयी। वह बुरी तरह से जख्मी हो गया। हादसे के बाद भारी संख्या में वहां लोग जमा हो गए। उन्होंने हंगामा किया। इनमें बड़ी संख्या में भाजपाइयों की थी। उन्होंने सीएम ग्रिड योजना में हो रही देरी को लेकर नगर निगम अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। निगम के अफसरों को भी काल की गयी, यह बात अलग है कि किसी ने कॉल रिसीव नहीं की।लोगों ने बताया कि सम्राट हेवेंस होटल के सामने सड़क निर्माण के दौरान गहरे नाले खुले छोड़ दिए गए हैं। बिना किसी बैरिकेडिंग के छोड़े गए ये गड्ढे रात के समय गंभीर हादसों का कारण बन सकते हैं। पिछले कई महीनों से सड़क निर्माण का काम कछुआ गति से चल रहा है, जिससे जाम और धूल की समस्या आम हो गई है। तय समय-सीमा बीत जाने के बाद भी काम पूरे नहीं हुए हैं। मानसरोबर कालोनी में सड़क चौड़ीकरण के दौरान बीच में डिवाइडर बनाए जाने से स्थानीय निवासियों ने भारी रोष जताया है, उनका कहना है कि इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा।
70 करोड़ के टेंडर में धांधली के आरोप
सीएम ग्रिड के तहत 70 करोड़ रुपये के टेंडर में धांधली और अधिकारियों-ठेकेदारों की मिलीभगत के गंभीर मामले भी सामने आए हैं, जिसके चलते कुछ जगहों पर काम की गुणवत्ता और टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। पिछले दिनों बिगड़ते हालात को देखते हुए मंडलायुक्त ने खराब गुणवत्ता और लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताई है। स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से इन अधूरे कामों को सुरक्षा के साथ जल्द पूरा करने की मांग कर रहे हैं।
ठेकेदार पर गंभीर आरोप
सीएम ग्रिड योजना के तहत गांधी आश्रम की सड़क को लेकर ठेकेदार पर कई गंभीर आरोप भाजपा नेता लगा चुके हैं। आरोपी की लंबी फेंरिस्त भाजपायों ने मंडलायुक्त को भी सौंपी थी, यह बात अलग है कि भाजपाइयों की इन शिकायतों को अधिकारियों ने गंभीरता से नहीं लिया और जिन बिंदुओं को लेकर शिकायत की गयी थी वो मुसीबत और समस्या जस की तस बनी रही। सबसे प्रमुख शिकायत गढ़ रोड से गांधी आश्रम तक बनायी जाने वाली सड़क के दोनों ओर की नालियों को तिरछा कर दिया जाना है। भाजपा के महानगर प्रवक्त अमित शर्मा का आरोप है कि शोहराब गेट बस स्टैंड के सामने जो अवैध कब्जे थे वो हटाए नहीं गए। जिन्होंने अवैध कब्जे किए हैं उनसे ठेकेदार के लोगों ने सेटिेंग कर ली और उसके बाद नाली को ही तिरछा बना दिया है। बारिश के पानी में तिरछी बना दी गयी नाली की वजह से भारी जलजमाव होगा। इससे एक मोटी रकम से बनायी जा रही सीएम ग्रिड योजना की यह सड़क ज्यादा दिन तक नहीं टिक पाएगी। सीएम ग्रिड योजना के तहत बनायी जा रही केवल गांधी आश्रम तेजगढ़ी चौराहे तक की सड़क ही मुसीबत नहीं बनी है। इसी योजना के तहत वेस्टर्न कचहरी रोड पर काम शुरू कराया गया है। वहां भी काम अधूरा पड़ा होने की वजह से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा इस योजना में जहां-जहां नाले नालियाें का काम चल रहा है वो भी अधूरा है। कहने का मतलब है कि पूरे महानगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत कहीं भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।
मंडलायुक्त के निर्देश
सीएम ग्रिड योजना को लेकर बुलायी गयी बैठक जिसमें कैंट विधायक अमित अग्रवाल व महापौर हरिकांत अहलूवालिया के अलावा नगरायुक्त सौरभ गंगावार व मेरठ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष, पीडब्लूडी व अन्य विभागों के अधिकारी भी शामिल थे, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने काम के तरीके को लेकर कठोर लहजे में नाराजी जतायी थी। दरअसल दोनों जनप्रतिनिधियों ने सीएम ग्रिड योजना की सड़कों के निर्माण कार्य के दौरान एजेंसी की लापरवाही से आम जनता को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई। गुणवत्ता की जांच की भी आवश्यक्ता जताई। जिसपर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य के दौरान आवागमन बाधित न होने देने का निर्देश दिया।


