
एनजीटी की रोक के बाद भी पोलीथिन पन्नियों में सामान बेचने वालों पर जुर्माना, काशी में जारी रहा निगम का ध्वस्तीकरण अभियान
मेरठ। परतापुर के काशी में नगरायुक्त के निर्देश पर नगर निगम व प्रवर्तन दल का का सरकारी जमीनों पर कब्जे कर वहां अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ बुधवार को तीसरे दिन भी बड़े स्तर पर संयुक्त अभियान जारी रहा। इस दौरान सरकारी जगह कब्जा कर बनायी गयी फैक्ट्री ध्वस्त की गयीं। आज चली कार्रवाई के दौरान सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे करने वालों की पैरवी करने वाला कोई नजर नहीं आया। हालांकि कर्नल संजीव कुमार तोमर के नेतृत्व में निगम के प्रवर्तन दल का अमला पूरी तरह से मुस्तैद रहा।
बारिश नहीं रोक सकी अभियान
यह पहले ही तय कर लिया गया था कि बारिश के बावजूद सरकारी जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त करने का अभियान चलाया जाएगा, हालांकि अच्छी बात यह रही कि अभियान के दौरान ही बारिश थम गयी, लेकिन गांव के कच्चे रास्तों में पानी भर जाने की वजह से नगर निगम के स्टाफ और प्रवर्तन दल को असुविधा हुई, लेकिन निगम की जेसीबी इस दौरान खूब गरजी और अवैध फैक्ट्री को ध्वस्त कर दिया गया।
पोलीथिन की पन्नियों की तलाश
नगर निगम प्रवर्तन दल ने काशी और इससे सटे इलाकों में पोलीथिन की पन्नियों की तलाश में दुकानों पर चैकिंग अभियान चलाया। जहां भी प्रवर्तन दल के साथ निगम के अफसर पहुंचे वहां दुकानदारों के पास पोलीथिन की पन्नियां बरामद हुईं। जिनसे भी पोलीथिन की पन्नियां बरामद की गयीं, उन पर अधिकारियों ने भारी जुर्माना किया। साथ ही ऐसे दुकानदारों को नसीहत और हिदायत दोनों दी गईं।
ड्रेनज सिस्टम के लिए जहर
पोलीथिन की पन्नियों के प्रयोग पर एनजीटी और अदालत ने रोक लगायी हुई है। नगरायुक्त सौरभ गंगवार भी लगातार पोलीथिन की पन्नियों को ना यूज किए जाने की अपील कर रहे हैं, लेकिन यह भी सच है कि इसके बावजूद पूरे महानगर में तमाम दुकानदार धड़ल्ले से पोलीथिन की पन्नियों में सामान बेचते हैं। प्रवर्तन दल के मुखिया कर्नल संजीव तोमर इसको दुखद बताते हैं। उनका कहना है कि पोलीथिन की पन्नियों का यूज किया जाना शहर के ड्रेनेज सिस्टम को डेमेज करना है। जितने भी नाले नालियां चौक हैं उसकी प्रमुख वजह उनमें पोलीथिन की पन्नियां का फंस जाना है। यदि सभी संकल्प ले लें कि पोलीथिन की पन्नियों का यूज नहीं करेंगे तो महानगर में जलभराव तथा नाले नालियों के बंद होने की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति पायी जा सकती है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि पूरा महानगर पोलीथिन यूज ना करने का संकल्प लें। इसके लिए चलाए जाने वाले अभियानों का विरोध किया जाना थी समझ से परे है। इस प्रकार के अभियान महानगर की भलाई के लिए चलाए जाते हैं।


