पार्षदों ने लगाए नगर निगम की महिला लिपिक पर ठेकेदार के इशारे पर चरित्र हनन के गंभीर आरोप, पुलिस को थमायी तहरीर
मेरठ। नगर निगम की एक महिला लिपिक का पहले तवादला और फिर तवादला निरस्त कर दिए जाने का मामला गरमा गया है। इसको लेकर कुछ पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। वार्ड उत्तर सैनी ने महिला लिपिक पर उनके चरित्र हनन का आरोप लगाते हुए मानहानि का नोटिस दिए जाने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर पार्षद पवन चौधरी, उत्तम सैनी और पवन सैनी ने महिला लिपिक पर निगम के ठेकेदार के इशारे पर खेलने का आरोप लगाया है। साथ ही महिला लिपिक का तवादला निरस्त किए जाने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
यह है मामला
नगर निगम में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर तैनात एक महिला कर्मचारी ने एक भाजपा पार्षद पर जबरन शादी का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। महिला का कहना था कि विरोध करने पर उसका दूसरे जोन में तबादला कर दिया गया। इसी दौरान एक अन्य महिला कर्मचारी का भी तबादला किया गया था। मामला सामने आने के बाद भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं, महिला जनप्रतिनिधियों और एक ठेकेदार ने नगर आयुक्त सौरभ गंगवार से महिला कर्मचारी का तबादला निरस्त करने की मांग की थी। वहीं, आरोपों का सामना कर रहे पार्षद के समर्थन में भी कई पार्षद और भाजपा नेता सामने आए। यह मामला पूरे नगर निगम में चर्चा का विषय बना रहा। बीते शुक्रवार को नगर निगम प्रशासन ने महिला कर्मचारी का तबादला निरस्त कर दिया। इसके बाद पार्षदों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारी कार्यालय में नियमित रूप से देरी से पहुंचती थी और इसी शिकायत के आधार पर नगर आयुक्त ने उसका तबादला किया था। पार्षदों ने आरोप लगाया कि महिला कर्मचारी ने एक ठेकेदार और भाजपा के एक नेता के दबाव में आकर पार्षद पर झूठे आरोप लगाए हैं। उन्होंने महिला कर्मचारी समेत तीन लोगों के खिलाफ जांच कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सिविल लाइन थाने में प्रार्थना पत्र भी सौंपा गया है।


