

सुबह से हो रही झमाझम बारिश में शहर के कई दूसरे इलाकों में भी भर गया है बारिश का पानी, नाले नालियों पर अवैध कब्जों को लेकर गंभीर नहीं अफसर
मेरठ। मंगलवार को सुबह से हो रही झमाझम शहर की सबसे व्यवस्तत दिल्ली रोड बारिश के पानी में गोता खा गयी। केवल दिल्ली रोड ही नहीं शहर के तमाम रास्ते जो बारिश के पानी भर जाने के लिए पहले से बदनाम हैं, वहां भी पानी भर गया। हमेशा की तरह लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया। जिला अस्पताल और डफरिन के सामने वाले खैरनगर के कई मकानों में पानी भर गया। माधवपुरम का भी आज सुबह हुई बारिश ने बुरा हाल कर दिया। माधव पुरक की बात करें तो पहले हुई बारिश के पानी की अभी निकासी हो भी नहीं पायी थी कि वहां आज सुबह दोबारा जलभराव हो गया। माधवपुरम के जिस इलाके की बात की जा रही है वहां पानी की निकासी नहीं करायी गयी बल्कि वहां पानी खुद ही धीरे-धीरे सूख रहा था। इसके अलावा लिसाड़ीगेट, शासत्रीनगर, जाग्रति विहार, जयभीनगर, नई बत्ती मलियाना, रोहटा रोड, कोटला बाजार, पत्थर वालान, माधवपुरम फ्लाई ओवर के नीचे, हापुड पर उससे सटी तमाम कालोनियाे में जगह-जगह बारिश का पानी भर गया। इसके अलावा लिसाड़ीगेट के प्रहलाद नगर, इस्लामाबाद, विकास पुरी, लुहारपुरा आदि इलाके के रास्ते में भी पानी भर गया। । मुख्य मार्गों से लेकर स्थानीय संपर्क मार्गों तक पानी भर जाने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कुछ ही देर की बारिश से हालत खराब
करीब साढ़े आठ बजे तेज बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर की बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मुख्य सड़कों से लेकर संपर्क मार्गों तक पानी भर गया। सड़क पर पानी इतना ज्यादा था कि कई जगह गड्ढों का भी पता नहीं चल रहा था।जलभराव के कारण दोपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। पानी भरी सड़कों से गुजरते समय लोगों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पा रहा था। कई जगह वाहन धीमी रफ्तार से निकलते नजर आए। वहीं, नालों का पानी भी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आने लगा, जिससे स्थिति और खराब हो गई। बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में आवागमन प्रभावित रहा। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के बीच लोगों को यह डर भी सताता रहा कि अगर बारिश और तेज हुई तो जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। शहर के कई निचले इलाकों और सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे गड्ढे छिप गए हैं और वाहन बीच रास्ते में बंद हो रहे हैं। तमाम लोग अपने दो पहिया स्कूटी बाइक को बारिश के पानी में चलकर घसीटते नजर आए। कुछ ऐसे भी थे जिनके साथ फैमली यानि छोटे बच्चे भी थे, ऐसे लाेगों को काफी मुसीबत उठानी पड़ी। हापौर के कैंप कार्यालय परिसर में घुटनों तक (करीब डेढ़ से दो फुट) पानी भर गया। जलभराव इतना गंभीर था कि मेयर की आधिकारिक गाड़ी और कई अन्य अधिकारियों के वाहन आधे से ज्यादा पानी में डूब गए। मेयर कार्यालय के अलावा शहर घंटाघर स्थित नगर निगम परिसर और उसके सामने वाले बाजार में भी जबरदस्त जलभराव हो गया। मेरठ विकास प्राधिकरण कार्यालय, कलेक्ट्रेट और एसएसपी (SSP) कार्यालय परिसर भी बारिश के पानी से पूरी तरह घिरे नजर आए। हालांकि अच्छी बात यह रही कि आज सरकारी अवकाश था।
जलभराव का रोना अवैध कब्जों पर मौन
जब जब शहर में बारिश की वजह से पानी भरता है तब तब जलभराव का रोना रोया जाता है, लेकिन जलभराव का रोना रोने वाले कभी भी शहर में नाले नालियों पर किए गए अवैध कब्जों का जिक्र करने से कन्नी काटते हैं। हालत यह हो गयी है कि शहर के कई इलाकों में नाले नालियां गायब हो गयी हैं। उन्हें खत्म कर दिया गया है।उन पर मकान और दुकानें बना दी गयी हैं। जब नाले नालियां ही नहीं होंगी तो फिर सड़कों पर भरा बारिश के पानी की निकासी कैसे होगी। बारिश का पानी फिर घरों और दुकानों में ही भरेगा और जब बारिश और उफनते हुए नाले नालियों व सीवर का पानी घरों व दुकानों में भरेगा तो फिर स्यापा शुरू कर दिया जाता है, लेकिन कोई भी नाले नालियों पर कर लिए गए अवैध कब्जों की बात नहीं करना चाहता। जिला चलाने वाले अफसरों को पहले तो कभी कभार नाले नालियों को अवैध कब्जों से मुक्त करने का ख्याल आ भी जाता था, लेकिन अब तो नाले नालियों को कब्जा मुक्त करने की अफसरों को बात करने की फुर्सत ही नजर नहीं आती। हां इतना जरूर होता है कि जब बारिश का पानी शहर को टापू बना देता है तो नेता स्यापा जरूर शुरू कर देते हैं। लेकिन जब अवैध कब्जे हटाने का अभियान नगर निगम शुरू करता है तो ये नेता ही सबसे पहले विरोध करने के लिए पहुंच जाते हैं। नतीजा यह होता है कि आधु अधूरा ही अभियान चलता है जिसका नतीजा दिल्ली रोड की बारिश के पानी में डुबकी के तौर पर सामने आता है। नगर निगम को कोसना आसान होता है, लेकिन नाले नालियों को कब्जा मुक्त करान आसान नजर नहीं आता। नगरायुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि इस साल अधिक बारिश हो रही है, नाले नालियों की समुचित सफाई भी करायी गयी है, इसी वजह से देर तक पानी नहीं रूक रहा है।
बारिश से आमिर गार्डन में मकान गिरने से वृद्धा की मौत

लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के आमिर गार्डन में मंगलवार सुबह तेज बारिश के दौरान एक मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के समय घर के अंदर मौजूद 80 वर्षीय जैतून मलबे में दब गईं। स्थानीय लोगों ने उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे में उनकी नातिन नाजमा भी मामूली रूप से घायल हुई है, जिसे एहतियातन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण छत गिरने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जर्जर मकानों से लगातार खतरा बना हुआ है। हादसे के वक्त कमरे में नासिर की सास जैतून और उनकी नातिन नाजमा मौजूद थीं। छत का पूरा मलबा जैतून के ऊपर गिर गया, जबकि नाजमा भी उसकी चपेट में आकर घायल हो गई। सिर का मकान करीब 15 साल पहले बना था। मकान में दो कमरे हैं, जिनमें से एक कमरे की छत हादसे में गिर गई। नासिर अपनी पत्नी शाहजहां और आठ बच्चों के साथ यहां रहते हैं। पति मजीद की मौत के बाद जैतून भी अपनी बेटी के पास रहने लगी थीं। घायल नाजमा की शादी अब्दुल्लापुर निवासी शाहिद से हुई है। पति के बाहर काम करने के कारण वह इन दिनों मायके में रह रही थी।


