सीईओ कैंट से पब्लिक चाहती है रिप्लाई

Shekhar Sharma
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एक ही Work Order पर भुगतान भी सजा भी की सीईओ जाकिर हुसैन की थ्योरी छावनी की पब्लिक की समझ से परे

मेरठ। एक ही Work Order पर भुगतान भी और सजा भी की सीईओ कैंट जाकिर हुसैन की थ्योरी छावनी की पब्लिक की समझ में नहीं आ रही है। पब्लिक का कहना है कि यदि Work Order सही था तो फिर सजा का तो सवाल नहीं उठता, सजा के बजाए शाबासी दी जानी चाहिए और यदि सेनेट्री सेक्शन के दो कर्मचारियों को दी गयी सजा को सीईआ करेक्ट मानते हैं तो फिर ठेकेदार को किया गया भुगतान गलत है। उससे रिकबरी की जानी चाहिए या फिर यह मान लें कि सेनेट्री सेक्शन के जिन दो कर्मचारियों को सजा दी गयी है, वो गैरमुनासिब थी, सजा नहीं दिया जाना चाहिए था। लेकिन इस मुद्दे पर सीईओ जाकिर हुसैन की चुप्पी और भी दूसरे सवालों को जन्म दे रही है, साथ ही इस प्रकरण को लेकर इतनी ज्यादा लिखा पढ़ी की जा चुकी है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की बड़ी जांच ऐजेंसियां या फिर रक्षा मंत्रालय से एक्शन संभव है।

पहला सवाल — भुगतान पर सवाल

Work Order 30 मार्च 2021 के अनुपालन में 01 अप्रैल .2021 से कार्य शुरू होने की रिपोर्ट SS V.K. Tyagi, SI Abhishek Gangwar और SI Yogesh Yadav ने दी थी। इसी रिपोर्ट (Page 443) के आधार पर परिषद ने M/s Agarwal & Company को करोड़ों रुपये का भुगतान किया। पब्लिक का कहना है कि कैँट बोर्ड CEO सीधा बताइए — क्या वह करोड़ों का भुगतान सही था? हाँ या नहीं?

दूसरा सवाल सजा पर सवाल

उसी Work Order (30.03.2021) को “Backdated” बताकर उसी रिपोर्ट के दो हस्ताक्षरकर्ताओं — SS V.K. Tyagi और SI Abhishek Gangwar — को दो-दो साल की वेतनवृद्धि रोकने की सजा दी गई। छावनी की पब्लिक का कहना है कि CEO साहब, सीधा बताइए — क्या वह सजा सही थी? हाँ या नहीं?

बड़ा सवाल — तिथि गायब क्यों

सेनेट्री सेक्शन के जिन कर्मचारियों को आरोप पर सजा दी — “Misconduct & Unfair Act regarding issuing of backdated work order” — उसकी सबसे जरूरी दो तिथियां पहली यह कि वर्कऑर्डर किस तारीख को बनाया गया और दूसरा सवाल यह कि Work Order कब जारी (Dispatch) किया गया। इनकी तारीख पर चुप्पी क्यों हैं। ऐसा क्या है जिसकी पर्दादारी है। यदि ऑल इज वेल तो तारीख डाल देनी चाहिए थे। बिना इन दोनों तिथियों के “Backdated” आरोप नहीं लगाया जा सकता। ये दोनों तिथियां कारण बताओ नोटिस और दंड आदेश में क्यों नहीं लिखी गईं? यह typing mistake है या जानबूझकर छिपाया गया है?

गले ना उतरने वाली बात

एक ही दस्तावेज़ एक साथ दोहरा चरित्र नहीं रख सकता — भुगतान के लिए वैध और सजा के लिए अवैध। और बिना बनाने तथा जारी करने की तिथि बताए किसी भी दस्तावेज़ को “Backdated” कहना कानूनी रूप से असंभव है।

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